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ITI में 11 नए पाठ्यक्रम को किया जाएगा शामिल, युवाओं को मिलेगा रोजगार का मौका

पटना: औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में 11 नए पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा। ये वैसे पाठ्यक्रम हैं, जो मौजूदा समय में बाजार की मांग हैं। इन पाठ्यक्रमों से युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार का अवसर मिलेंगा। इसके साथ ही, राज्य के औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा। आपको बता दें कि अभी आईटीआई में परम्परागत पाठ्यक्रमों की ही पढ़ाई होती है। लेकिन मौजूदा समय में बाजार की जरूरतों में बदलाव साफ देखा जा सकता है।

इसे देखते हुए श्रम संसाधन विभाग ने आईटीआई के पाठ्यक्रमों में बदलाव करने का फैसला लिया है। नए पाठ्यक्रमों को में इलेक्ट्रिशियन में पावर डिस्ट्रीब्यूशन को शामिल किया गया है। इसमें बिजली वितरण की बारीकियों के बारे में प्रशिक्षु सीखेंगे। अभी स्मार्ट खेती से लेकर स्मार्ट सिटी तक की कार्ययोजना पर काम जारी है। इसलिए तय किया गया है कि टेक्निशियन स्मार्ट एग्रीकल्चर और टेक्निशियन स्मार्ट सिटी ट्रेड में भी आईटीआई में प्रशिक्षण होगा। इसी तरह स्मार्ट हेल्थ केयर को भी शामिल किया गया है।

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गौर हो कि परम्परागत बिजली के अलावा गैर परम्परागत बिजली पर भी बिहार में काम हो रहा है।

नए पाठ्यक्रम
–  इलेक्ट्रिशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन
– टेक्नीशियन स्मार्ट एग्रीकल्चर
– टेक्नीशियन स्मार्ट सिटी
– टेक्नीशियन स्मार्ट हेल्थ केयर
– सोलर टेक्नीशियन
– मैकेनिक ऑटोबॉडी रिपेयर
– मैकेनिक ऑटोबॉडी पेंटिंग
– टेक्नीशियन मेकाट्रोनिक्स
– टेक्नीशियन थ्री डी पेंटिंग
– कम्प्यूटर एडेड इम्ब्रायडरी एंड डिजाइनिंग

सोलर व पनबिजली के क्षेत्र में काफी काम हो रहे हैं। इसे देखते हुए सोलर टेक्नीशियन की भी पढ़ाई होगी। अन्य पाठ्यक्रमों में मैकेनिक ऑटोबॉडी रिपेयर, टेक्नीशियन मेकाट्रोनिक्स, टेक्नीशियन थ्री डी पेंटिंग और कम्प्यूटर एडेड इम्ब्रायडरी एंड डिजाइनिंग की भी पढ़ाई होगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार राज्य के 149 सरकारी आईटीआई में से 53 में 11 नए कोर्स की पढ़ाई शुरू होगी, जबकि महिला आईटीआई में 11 में चार नए पाठ्यक्रमों को शामिल किया जाएगा। अभी आईटीआई में इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू नहीं होने के कारण डिप्लोमा या डिग्रीधारी इंजीनियर ही इन कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। कल-कारखानों में तो इंजीनियरों के माध्यम से काम हो जाते हैं लेकिन छोटे-मोटे दुकानों में समस्या हो जाती है। ITI में इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू होने से छोटे-बड़े दुकानों में ITI डिग्रीधारी युवाओं की सहायता ली जा सकेगी।

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