नवादा की 20 साल की स्वीटी ने गरीबी को दी मात, बनी रग्बी की इंटरनेशनल खिलाड़ी

इनके पिता मजदूर हैं। मां इनकी आंगनबाड़ी में काम करती हैं। संघर्ष जिंदगी में बहुत किया है। आज रग्बी के खेल की ये स्टार बन चुकी हैं। इंटरनेशनल यंग प्लेयर ऑफ द ईयर का अवार्ड इन्हें मिल चुका है। नाम है इनका स्वीटी कुमारी। इस वक्त इनकी उम्र 20 साल की है। बिहार के पटना से ये ताल्लुक रखती हैं। पटना के नवादा गांव की रहने वाली हैं। रग्बी के सात टूर्नामेंट में साल 2019 में भारत ने भाग लिया था। स्वीटी ने इन सभी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा स्कोर किया। यही नहीं, जब सिंगापुर के खिलाफ टेस्ट मैच हो रहा था तो इन्होंने दो टाई से स्कोर किया था और भारत की झोली में जीत डाल दी थी।

इनसे भी सीखे गुण 

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अमेरिकन रग्बी कोच माइक फ्राइडे से भी रग्बी से जुड़े गुर वे सीख चुकी हैं। इंटरनेशनल यंग श्रेणी के लिए 10 देशों से 12 से भी ज्यादा खिलाड़ियों को नॉमिनेट किया गया था। इन सभी को स्वीटी ने वोटिंग में पीछे छोड़ दिया। वे टॉप पर रही थीं। इस तरह से वे इंटरनेशनल यंग प्लेयर ऑफ द ईयर चुन ली गईं।

रेस में आगे-आगे

बिहार के नवादा गाँव की स्वीटी बनी रग्बी की 'इंटरनेशनल यंग प्लेयर ऑफ द इयर'  - AAPNA BIHAR

बचपन में अपने गांव में वे दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लेती थीं। सिर्फ 11.58 सेकंड में ही उन्होंने 100 मीटर की रेस को पूरा कर लिया था। रग्बी एसोसिएशन ऑफ़ बिहार के सचिव पंकज कुमार ज्योति ने जब स्वीटी को एक टूर्नामेंट में दौड़ते हुए देखा था तो उन्होंने ही उन्हें रग्बी खेलने का सुझाव दिया था।

बना ली टीम.

Try And Stop Us: Unions and regions driving “Unstoppable” momentum | World  Rugby

स्वीटी ने रग्बी खेलना शुरू भी कर दिया। उन्होंने एक टीम भी बना ली। बचपन में स्वीटी के मुताबिक लोग मजाक उनका जरूर उड़ाते थे, लेकिन आज यही लोग उन पर गर्व करते हैं। भारत की स्कोरिंग मशीन तक उनकी टीम के साथी खिलाड़ी उन्हें कहते हैं, क्योंकि उनकी रफ्तार विस्फोटक है।

बनीं प्रेरणा का स्रोत

स्वीटी कुमारी: बिहार की रग्बी खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का  नाम ऊंचा करा।|Positive News Corner

महिला रग्बी की आधिकारिक वेबसाइट स्क्रमक्वींस ने उन्हें इंटरनेशनल यंग प्लेयर ऑफ द ईयर के खिताब से सम्मानित किया था। स्वीटी अपनी जैसी बाकी लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

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