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बिहार में कागज पर चल रही 33 फर्जी कंपनियों ने 900 करोड़ की टैक्स चोरी की, छापे में सिर्फ तीन के ऑफिस मिले

Patna : कर चोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग ने बुधवार को गैर-मौजूद फर्मों पर पिछले तीन वर्षों में 900 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार का मामला पकड़ा है। अधिकारियों ने कहा कि फर्म ने कर भुगतान के लिये क्रेडिट सुविधा का इस्तेमाल किया, लेकिन दस्तावेजों में उल्लिखित पते पर कंपनी नहीं मिली। कंपनी अस्तित्वहीन है। वाणिज्य कर आयुक्त सह सचिव प्रतिमा ने बताया – कंपनी करोड़ों रुपये के रिचार्ज वाउचर दूसरे राज्यों में भेजने में लगी हुई है। कर चोरी में लिप्त अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ संदिग्ध फर्म के मालिकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जायेगी। वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को राज्य भर में 33 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, ताकि कर चोरी की घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सके, जो कि संदिग्ध कार्यों के व्यापक अध्ययन के आधार पर निर्धारित हुआ है।

इनमें से 13 पटना जिले में, 10 सारण में, एक भागलपुर में, तीन दरभंगा में, चार मगध में और दो पूर्णिया में स्थित हैं। ये फर्म मुख्य रूप से लोहा और इस्पात, कोयला, लैपटॉप, बैटरी, एल्यूमीनियम और तांबे के स्क्रैप, बिटुमेन आदि से संबंधित हैं। निरीक्षण के दौरान 24 फर्मों को उनके व्यवसाय के प्रमुख स्थान पर गैर-मौजूद पाया गया जैसा कि उनके रजिस्ट्रेशन में उल्लेख किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इन फर्मों द्वारा लगभग ₹379.48 करोड़ का लेनदेन दिखाया गया है। ऐसे मामलों में न केवल लगभग ₹54.90 करोड़ के नकली आईटीसी का लाभ उठाकर टैक्स की चोरी शामिल है, बल्कि जीएसटी के प्रावधानों का भी उल्लंघन किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इनमें से कुछ फर्जी फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही रजिस्ट्रेशन भी लिया है।
निरीक्षण के दौरान तीन फर्म अपने घोषित व्यवसाय के प्रमुख स्थान पर मौजूद पाई गईं, लेकिन वे बिल ट्रेडिंग में शामिल थीं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये तीनों कंपनियां कोयले और कंप्यूटर का कारोबार करती हैं। दरभंगा में एक कंप्यूटर फर्म ने दूसरे राज्यों के कारोबारियों को दिये गये आईटीसी के लाभ के साथ फर्जी परिवहन दिखाकर करोड़ों के लैपटॉप की खरीद-बिक्री दिखाई है। लाखों के माल का ट्रांसपोर्टेशन कार और बाइक से दिखाया गया है। अधिकारियों ने इस मामले में 30 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।
इन तीन फर्मों में से औरंगाबाद में पंजीकृत एक फर्म के स्थान पर डेहरी में कार्यरत पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि इन तीन फर्मों में करीब 16 करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आई है।

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