बिहार : 34 पुल-पुलिये, 600 किमी सड़क का पैसा आया, खुलेगा इन 3 जिलों का भाग्य

पटना
बिहार को सरकार की ओर से एक और सौगात दी गई है। राज्य के तीन नक्सल प्रभावित जिलों में कुल 600 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य होना है। इसकी कुल लागत 1034 करोड़ रुपये है। इस बात की जानकारी बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर प्रेस रिलीज़ साझा कर दी है। इसमें लिखा है कि राज्य के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित 3 जिले में 1034 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 600 किमी पथ का निर्माण किया जाएगा। इसमें 34 अदद पुल-पुलिये बनेंगे। जिसके लिए केन्द्र सरकार ने योजना के प्रथम किस्त की राशि 203 करोड़ रूपये जारी भी कर दी है।

इस विज्ञप्ति में बताया गया है कि केन्द्र सरकार के वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क सम्पर्क योजना के अंतर्गत राज्य के रोहतास, नवादा एवं जमुई जिले में 51 पथों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 15 मीटर लम्बाई वाले 34 पुल-पुलियों का निर्माण भी शामिल है। इन 85 योजनाओं को कार्यान्वयन के लिए 60 प्रतिशत राशि भारत सरकार देगी जबकि राज्याश 40 प्रतिशत होगा। वामपंथ उग्रवाद प्रभावित रोहतास जिले के 5, नवादा के 13 और जमुई जिले के 6 प्रखण्डों में पुल-पुलियों का निर्माण किया जाएगा।

नन्द किशोर यादव ने जानकारी दी कि सभी पथों का निर्माण एक ही कंपनी द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही 5 वर्षों तक पथों के मेंटेनेंस की ज़िम्मेदारी भी उसी कंपनी की होगी। निविदा की प्रक्रिया ई-टेंडरिंग पद्धति से होनी है।

इससे पहले केंद्र सरकार ने राज्य के औरंगाबाद, गया, बाका, जमुई और मुजफ्फरपुर जिले में 1037 किलोमीटर लंबाई की सड़क की 64 योजनाओं और 41 पुलों के निर्माण के लिए 1638 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। पथ निर्माण मंत्री के मुताबिक ये अनुमति 2017-18 और 2018-19 में दी गई थी। इसमें से 960 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन राज्य सरकार को प्राप्त हो चुका है। इसमें केंद्र का अंश 517 करोड़ रुपये और राज्य का अंश 390 करोड़ रुपये है। मंत्री के अनुसार स्वीकृत योजना के तहत 15 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बाकी बची 49 सड़कों का निर्माण कार्य मार्च 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है।

आपको बता दें कि इससे पहले सड़कों के मामले में बिहार की जनता को एक और बड़ी खुशखबरी मिल चुकी है। प्रदेश के पहले एक्स्प्रेस वे के बनने का कार्य अब जल्दी ही शुरू हो सकता है। 271 किलोमीटर लंबे एक्स्प्रेस वे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की भू-अर्जन समिति ने हरी झंडी दे दी है। इसका मतलब यह हुआ कि अब जल्दी ही एक्स्प्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू किया जा सकेगा।

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