बिहार चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट से आया बड़ा फैसला, रोक के लिए लगाई गई थी याचिका

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव पर कोरोना वायरस की छाया पड़ चुकी है। एक तरफ चुनाव आयोग विधानसभा चुनावों को टाइम पर कराने का संकेत दे रहा है तो दूसरी तरफ इसे रोकने की भी कोशिश की जा रही है। ऐसी ही एक कोशिश सुप्रीम कोर्ट के जरिए भी की गई। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई की।

भारत की सर्वोच्च अदालत ने बिहार चुनावों पर रोक लगाने की इस याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि चुनाव कराना चुनाव आयोग का काम है और वो इस काम में हस्तक्षेप नहीं करेगा। आपको बता दें कि इस याचिका में चुनाव आयोग को भी पार्टी बनाया गया था। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अभी चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव को लेकर नोटिफिकेशन भी जारी नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि हर बात का ध्यान रखकर ही चुनाव कराया जाएगा।

आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने कोरोना संक्रमण के दौर में चुनाव कराने को लेकर नई गाइडलाइंस जारी कर चुका है। इसके तहत प्रचार से लेकर वोटिंग तक में कोरोना प्रोटोकॉल और सोशल डिस्टेंसिंग लागू करने की व्यवस्था की गई है। उदाहरण के लिए प्रत्याशी के साथ नामांकन में केवल दो लोग जा सकेंगे। डोर टू डोर कैंपेन में अधिकतम 5 लोग शामिल रहेंगे।

आपको बता दें कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म होने वाला है। सामान्य स्थिति में विधानसभा कार्यकाल खत्म होने से पहले ही चुनाव करा लिए जाते हैं। इसलिए माना जा रहा है कि बिहार में अक्टूबर-नवंबर में ही विधानसभा चुनाव होंगे। इसके लिए बिहार के राजनीतिक दलों ने तैयारी भी करनी शुरू कर दी है। नए-नए गठबंधन पार्टनर तलाशे जा रहे हैं और रोजाना राजनीतिक लड़ाई भी देखने को मिल रही है।

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