सुनील तिवारी विदेश में रॉल्य रॉयस गाड़ी के साथ फोटो खिंचवाकर अपने रसूख का दिखावा करता हुआ। बॉलीवुड एक्टर सुनील तिवारी को अपना भाई बताता है और आयेदिन संजय दत्त की पोस्ट डालता है। Image Source : facebook.com/itssuniltiwari

रसूखदार दुष्कर्मी नेता इटावा से पकड़ा गया, पुलिस देखते ही बीमार हो गया करोड़पति सुनील तिवारी

New Delhi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार और नाबालिग आदिवासी बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी रसूखदार करोड़पति सुनील तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन हैरत की बात यह है कि घटना के बाद से ही देशभर में घूम रहे इस शख्स को पुलिस की वर्दी दिखते ही चक्कर आने लगे। सीने में दर्द होने लगा। रांची पुलिस को होटल कमरे के बाहर देख आरोपी की हालत बिगड़ने लगी। इसके चलते रांची पुलिस ने इटावा पुलिस से सुरक्षा की मांग करते हुये उसे सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया और फिर लखनऊ ले गई। अपने यहां की कानून व्यवस्था की दिक्कत यहां भी दिखी। इस करोड़पति दुष्कर्मी को हर वो सुविधा मिल रही है, जो बिलकुल भी नहीं मिलनी चाहिये। अपने रसूख के दम पर यह हर तरह की सुविधा से लैस हो गया है।

हॉस्पिटर बेड पर बैठा सुनील तिवारी।

सुनील तिवारी की रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपने तीन मंजिला रांची के मकान में उसने लिफट लगा रखा है। मुम्बई और पुणे में उसकी फैक्ट्री है तो विदेश घूमना, मौज करना उसका मुख्य शगल रहा है। करोड़ों की धन संपदा उसने तब अर्जित कर ली, जब वह झारखंड के प्रमुख दैनिक प्रभाख खबर में बतौर स्ट्रिंगर काम करता था। वो कई वर्षों तक अखबार से जुड़ा रहा और अपनी पत्रकारिता के रसूख और बाबूलाल मरांडी के करीबी होने का फायदा उठाते हुये संपदा अर्जन की सीढ़ियों पर बुलंदी से चुढ़ता गया।
बहरहाल सुनील तिवारी की कोशिश यही है कि वो किसी तरह लखनऊ से ही एम्स दिल्ली के लिये रेफर हो जाये और जब तक कोर्ट से जमानत न मिले मेडिकल टूरिज्म को इन्जॉय करे। हालांकि झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार भी अपना पूरा दम लगाये हुये है। तभी इस दुष्कर्मी को झारखंड पुलिस ने ईटावा से धर दबोचा है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के इस राजनीतिक सलाहकार पर खूंटी की एक आदिवासी लड़की ने रांची के अरगोड़ा थाने में रेप, छेड़छाड़ और एससी/एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बाद से आरोपी खुद को बचाने के लिये लगातार कोर्ट में याचिका लगा रहा है और खुद झारखंड छोड़ कर फरार हो गया।
जब सिविल कोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर वारंट जारी किया तो वह हाईकोर्ट पहुंच गया। पुलिस से छिपने के लिये वह शनिवार से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर के चैनल नंबर 104 के पास सैफई फूड प्लाजा के कमरा नंबर 103 में रुका हुआ था। वह कार से ही घूम रहा था।
एडवाइजर के कमरे में जाने के बाद कार सवार इटावा से दिल्ली के लिये निकल गया। रविवार दोपहर रांची पुलिस जब फूड प्लाजा पहुंची और प्लाजा में मौजूद मैनेजर व कर्मचारी से पूछताछ कर कमरा नंबर 103 के पास पहुंची तो सुनील तिवारी के होश उड़ गये। रांची पुलिस को दरवाजे के बाहर देख सुनील तिवारी की तबीयत बिगड़ने लगी। जब उसने स्वास्थ्य का हवाला दिया तो पुलिस उसे मेडिकल जांच के लिये सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी ले गई। जहां उसका स्वास्थ्य ठीक था। वह पलंग पर बैठा था।

रांची पुलिस ने इटावा पुलिस से सुरक्षा मांगी थी। बदले में इटावा पुलिस ने सुरक्षा में तैनात सैफई थाने के दो सिपाही को तैनात कर सुरक्षा की ड्यूटी पूरी की। रांची पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लाने की तैयारी कर रही है। वह रेप के एक मामले में फरार था। उसके खिलाफ 16 अगस्त को रांची के अरगोड़ा थाने में दुष्कर्म, छेड़छाड़ और एसटी-एससी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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