आदर्श विवाह : न बैंड, न बाराती, साइकिल से पहुंचा दूल्हा, अफसर ने पुरस्कार दिया, समाज ने प्रशस्ति

Patna : शादी का लड‍्डू किसको अच्छा नहीं लगता। सब इसके लिये परेशान रहते हैं और अगर यह लड‍्डू पुरस्कार और प्रशस्ति के साथ आये। जी हां, ऐसा हुआ है बिहार के गौतम कुमार के साथ बांका में। गौतम आदर्श विवाह करने के बाद पूरे इलाके में आदर्श के पर्याय बन गये हैं। यही नहीं गौतम कुमार को जब शादी करनी थी तो उन्होंने न तो बराती अपने साथ लिये और न दुल्हनवालों का शादी में ही कोई खर्चा कराया। वे अकेले ही साइकिल लेकर शादी करने पहुंच गये। लॉकडाउन में शंभूगंज के गौतम के आदर्श शादी से खुश होकर शंभूगंज प्रखंड के बीडीओ प्रभात रंजन ने शनिवार को उन्हें नगद पुरस्कार और आशीर्वाद देकर प्रशस्ति दी। बीडीओ ने कहा कि आज के युवा को गौतम कुमार से प्रेरणा लेनी चाहिये। उन्होंने निश्चल भाव से आदर्श विवाद का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
प्रखंड विकास अधिकारी आज उचागांव गये और वहां उन्होंने गौतम कुमार और उनकी पत्नी कुमकुम कुमारी को नगद रुपये देकर पुरस्कृत किया। सुल्तानगंज प्रखंड के उचागांव के गौतम कुमार की शादी दो साल से तय थी। पिछले साल जब शादी होने वाली थी उससे ठीक पहले लॉकडाउन लग गया। फिर कोरोना का प्रकोप बढ़ने लगा। शादी टल गई। जब माहौल ठीक हुआ हो इस साल मई में शादी की तारीख तय हुई। लेकिन इससे पहले कि टाइम आता कोरोना के दूसरे लहर ने सब गड़बड़ कर दिया। लॉकडाउन लग गया। नौबत यह आ गई कि शादी फिर टल जायेगी लेकिन अनिल तांती के पुत्र गौतम के मन में कुछ और ही चल रहा था। वे नियत तारीख को परिवार और ग्रामीणों को समझाने की बजाये सेहरा बांधकर ससुराल के लिये रवाना हो गये। उन्होंने भरतशिला पंचायत के कंचन नगर बांव के ब्रहमदेव तांती के घर तक का सफर साइकिल से ही पूरा किया। वधु पक्ष के लोगों ने धूमधाम से गौतम की शादी कुमकुम से करवा दी।
शंभूगंज के प्रखंड विकास अधिकारी प्रभात रंजन ने गौतम कुमा को मुख्यमंत्री विवाह योजना का लाभ दिलाने का भी आध्वासन दिया। यही नहीं, इस शादी की खबर सुनने के बाद सीओ अशोक कुमार सिंह, थानेदार उमेश प्रसाद, बीपीआरओ संजीत कुमार ने भी फोन कर पति-पत्नी को बधाई दी। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि ऐसी शादी से दूसरे गांव-समाज के लोग भी प्रेरणा लेंगे।

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