बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। केंद्रीय मंत्री और जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह से मुलाकात करतीं अनुप्रिया पटेल। Image Source : tweeted by @NitishKumar, @AnupriyaSPatel

नीतीश के बाद अनुप्रिया ने फूंका बिगुल- जातीय जनगणना कराने, ओबीसी के लिये अलग मंत्रालय की डिमांड

New Delhi : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद एनडीए की और सहयोगी पार्टी ने जातीय जनगणना को सपोर्ट करते हुये सरकार से जातिगत आधार पर जनगणना कराने की डिमांड की है। यही नहीं पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में इसे मुद‍्दा भी बनानेवाली है। जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी अपना दल की। अगले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों पर नजर रखते हुये अपना दल ने रविवार को ओबीसी के कल्याण के लिये एक अलग केंद्रीय मंत्रालय और पूरे देश में जाति आधारित जनगणना की मांग की। इससे ही समुदाय की सटीक आबादी का पता लगाया जा सकेगा। अपना दल जदयू के बाद सत्तारूढ़ भाजपा का दूसरा सहयोगी है, जिसने जाति आधारित जनगणना की मांग उठाकर सरकार को पशोपेश में डाल दिया है।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले यह मांग महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां मतदाताओं का सबसे बड़ा हिस्सा ओबीसी वर्ग का है। अपना दल (एस) के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल ने न्यूज एजेन्सी पीटीआई से कहा- जाति आधारित जनगणना प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सटीक आबादी का पता लगाने के लिए समय की जरूरत है। आजादी के बाद की सभी जनगणनाओं में एससी और एसटी की आबादी की गणना की गई है, लेकिन ओबीसी की नहीं। परिणामस्वरूप, ओबीसी आबादी का कोई उचित अनुमान नहीं है। इसलिए, मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि अगली जनगणना जाति-आधारित होनी चाहिये ताकि प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से ओबीसी की सटीक आबादी का पता लगाया जा सके।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल ने कहा- इससे यह सुनिश्चित होगा कि एक विशेष जाति वर्ग का हिस्सा उनकी आबादी पर आधारित है। पार्टी यह भी मांग करती है कि ओबीसी के कल्याण के लिये एक अलग मंत्रालय होना चाहिये। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की तर्ज पर ओबीसी के कल्याण के लिये एक अलग और समर्पित मंत्रालय होना चाहिये। अपना दल (एस) 2014 से एनडीए का घटक रहा है। पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय सोनेलाल पटेल की बेटी अनुप्रिया पटेल को नरेंद्र मोदी सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार में केंद्रीय मंत्री बनाया गया।
वह कुर्मी जाति से आती हैं जो ओबीसी वर्ग में आती है। लगभग 50 विधानसभा सीटों पर उनकी पार्टी का प्रभाव है, ज्यादातर पूर्वी उत्तर प्रदेश में। विभिन्न राजनीतिक दलों के अलावा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस साल अप्रैल में सरकार से भारत की जनगणना 2021 की कवायद के तहत ओबीसी की आबादी पर डेटा एकत्र करने का आग्रह किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2018 में 2021 की जनगणना में पहली बार ओबीसी पर डेटा एकत्र करने की परिकल्पना की थी। हालांकि, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस साल 10 मार्च को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने नीति के रूप में निर्णय लिया कि एससी और एसटी के अलावा जाति-वार आबादी की गणना नहीं की जायेगी।
जनगणना में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 और संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 के अनुसार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के रूप में विशेष रूप से अधिसूचित जातियों और जनजातियों की गणना की जाती है। 2021 की जनगणना पिछले साल अप्रैल से शुरू होने वाली थी, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका।

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