मीराबाई चानू की शानदार तस्वीरें और ओलंपिक में सिल्वर मेडल के साथ। Image Source : Twitter

ओलंपिक में सिल्वर जीतने के बाद मीराबाई बोलीं- मैं सिर्फ मणिपुर की नहीं, पूरे देश की बेटी हूं

New Delhi : एक आत्मविश्वास भरी मुस्कान ने आज पूरे देश को खुशियों से भर दिया। मीराबाई चानू ने ओलंपिक में भारोत्तोलन में सिल्वर मेडल के साथ ही भारत के दो दशक से अधिक लंबे इंतजार को समाप्त कर दिया। एक खराब शुरुआत के बाद उसी मंच पर पांच साल की कड़ी मशक्कत से 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया। अपनी ऐतिहासिक जीत के साथ उन्होंने देश के लिये एक शानदार उपलब्धि सुनिश्चित कर दी। भारत अभी के लिये पदक तालिका में दूसरे स्थान पर है। एक ऐसी उपलब्धि जो देश ने पहले कभी हासिल नहीं की। मणिपुर की लौह महिला ने 2000 सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी के कांस्य पदक को पीछे छोड़ने के लिये कुल 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) का भार उठाया। इसके साथ ही उन्होंने 2016 के ओलंपिक गेम्स की खराब यादों को पीछे छोड़ते हुये इस कोरोनाकाल में देश को मुस्कुराने की वजह दे दी।

चानू ने संवाददाताओं से कहा- मैं बहुत खुश हूं, मैं पिछले पांच सालों से इसका सपना देख रही हूं। मुझे अभी खुद पर बहुत गर्व है। मैंने सोने की कोशिश की लेकिन सिल्वर भी मेरे लिये एक बड़ी उपलब्धि है। वह पिछले कुछ महीनों से अमेरिका में प्रशिक्षण ले रही थी। 2016 का अनुभव उनके करियर में एक वाटरशेड था और चानू ने इस बारे में बात की थी कि सबसे बड़े मंच पर अपनी शुरुआत के दौरान उन्होंने कितनी उलझन महसूस की थी। शनिवार को वो आत्मविश्वास से लबरेज थी। एकाग्रचित एथलीट, जिसके सामने गोल्ड एक लक्ष्य था। एक मणिपुरी के रूप में उसके लिये इसका क्या मतलब है, इस एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- मैं इन खेलों में भारत के लिये पहला पदक जीतकर बहुत खुश हूं। मैं सिर्फ मणिपुर से नहीं हूं, मैं पूरे देश की हूं।
शनिवार को पूरे प्रदर्शन के दौरान उनकी मुस्कान सबसे चमकदार थी। लेकिन ओलंपिक रिंग के आकार के झुमके भी यादगार रहेंगे, जो उनकी मां की ओर से शानदार उपहार था। सोना 210 किग्रा (94 किग्रा + 116 किग्रा) के प्रयास से चीन के होउ झिहुई को मिला, जिन्होंने तीनों श्रेणियों (स्नैच, क्लीन एंड जर्क और टोटल) में ओलंपिक रिकॉर्ड बनाये। इंडोनेशिया की आयशा विंडी कैंटिका ने 194 किग्रा (84 किग्रा + 110 किग्रा) के प्रयास से कांस्य पदक जीता। मार्की इवेंट में अपनी कमजोरी को देखते हुये चानू ने स्नैच के अपने पहले प्रयास में 84 किग्रा का प्रयास किया। उन्होंने अपना समय लिया और बारबेल को सफाई से बजा दिया। उसने अपने अगले प्रयास में 87 किग्रा भार उठाया और वजन बढ़ाकर 89 किग्रा कर दिया, जो कि पिछले साल राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उठाये गये 88 किग्रा के उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ से 1 किग्रा अधिक था।

हालांकि वह अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ को बेहतर बनाने में असमर्थ रही और स्नैच स्पर्धा में केवल नेता झिहुई के पीछे 87 किग्रा के साथ समझौता किया, जिन्होंने 94 किग्रा के प्रयास के साथ एक नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाया। क्लीन एंड जर्क में, विश्व रिकॉर्ड धारक चानू ने पहले दो प्रयासों में 110 किग्रा और 115 किग्रा भार उठाया। (Input : Live News, www.livebavaal.com)

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