बिहार के कृषि मंत्री और मखाना की सांकेतिक तस्वीर। Image Source : tweeted by @APSinghBjp

कृषि मंत्री बोले- मिथिला मखाना की GI TAG के लिये 1 साल पहले भेजा आवेदन, जल्द मिलेगा

New Delhi : बिहार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को विधान परिषद को सूचित किया कि राज्य सरकार मिथिला क्षेत्र में बहुतायत में उत्पादित मखाने के लिये जीआई टैग के आवंटन के लिये केंद्र सरकार को आवेदन कर रही है। सिंह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य अर्जुन साहनी के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे, जिन्होंने आरोप लगाया था कि जीआई टैग के अभाव में किसानों को उनकी उपज का उचित रिटर्न नहीं मिल रहा है। मिथिला क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान जलाशयों पर मखाना के उत्पादन में लगे हुये हैं। उन्हें प्रसंस्करण और अन्य राज्यों और विदेशों में आपूर्ति करने के लिये स्थानीय व्यापारियों को बेचते हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर (भागलपुर) ने पिछले साल सितंबर में चेन्नई में भौगोलिक संकेतक रजिस्ट्री कार्यालय को मखाना को “मिथिला मखाना” के रूप में जीआई टैग देने के लिये एक औपचारिक आवेदन भेजा है।

कृषि मंत्री सिंह ने कहा- अधिकारी रजिस्ट्री कार्यालय के संपर्क में हैं, जिसमें कहा गया है कि मखाना को जीआई टैग देने की प्रक्रिया जारी है। मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को मखाने की उच्च उपज वाली किस्मों को उगाने के लिये प्रोत्साहित कर रही हैं। सिंह ने कहा- मखाना की उच्च उपज वाली किस्मों के उत्पादन में लगे किसानों को मखाना विकास योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के 35% तक क्रेडिट-लिंक्ड सहायता अनुदान की पेशकश की जा रही है।
इससे पहले दिन में पार्टी लाइनों से इतर नेताओं ने पटना नगर निगम (पीएमसी) और शहरी विकास विभाग को राजधानी को बार-बार होने वाले जलभराव से मुक्त करने के लिये कथित रूप से ढुलमुल रवैये के लिये फटकार लगाई। भाजपा के संजय प्रकाश उर्फ ​​संजय मयूख, जनता दल यूनाइटेड के संजीव कुमार सिंह, भाकपा के केदार नाथ पांडेय, कांग्रेस के प्रेम चंद्र मिश्रा और राजद के राम चंद्र पूर्वे ने विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से अनुचित और अपर्याप्त जल निकासी सुविधाओं पर प्रकाश डाला और पटना में बार-बार जलभराव के लिये एजेंसियों की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, जिनके पास शहरी विकास विभाग का प्रभार भी है, ने नालों के निर्माण के बाद सड़कों की मरम्मत में विफल रहने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रसाद ने कहा कि शहरों को जलभराव से निजात दिलाने के लिये वर्षाजल के निर्बाध निपटान के लिये व्यापक जल निकासी योजना बनाई जा रही है।

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