दरभंगा एयरपोर्ट शुरू होने का मौका। Image Source : Agencies/altered by Live Bihar

पूर्णिया, रक्सौल, मुजफ्फरपुर से भी हवाई सेवाएं शुरू होंगी, केंद्र ने मांगी जमीन, CM से हस्तक्षेप की मांग

New Delhi : बिहार के लिये एक अच्छी खबर है। दरभंगा के बाद अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बिहार के तीन और जगहों से घरेलू उड़ान शुरू करने के प्रयासों में जुट गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे अपना प्राथमिक ध्येय बना लिया है। वे इसकी रेगुलर मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। नई परियोजना के तहत बिहार के पूर्णियां, मुजफ्फरपुर और रक्सौल में हाईटेक एयरपोर्ट बनाने की योजना है। खासबात यह है कि केंद्रीय नागरिक उड‍्डयन मंत्रालय ने जमीन को हासिल करने के प्रयास भी तेज कर दिये हैं। इन तीन एयरपोर्ट के बाद बिहार में कुल संचालिक एयरपोर्ट छह हो जायेंगे। इसके अलावा पटना और गया से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने की योजनाओं पर भी अमल शुरू कर दिया गया है। इसके लिये पटना एयरपोर्ट का विस्तार नितांत आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस मामले खुद इनीशिएटिव लेने को कहा है।

बहरहाल नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बिहार, असम, अरुणाचल, आंध्र और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से पुराने हवाई अड्डों के विस्तार और नये हवाई अड्डों के लिये जमीन उपलब्ध कराने के मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। पटना, पूर्णिया, रक्सौल, मुजफ्फरपुर और दरभंगा बिहार के उन हवाई अड्डों में से हैं, जहां सिंधिया ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विस्तार और नई उड़ानें शुरू करने के लिये पत्र लिखा है। इनमें पटना और दरभंगा हवाईअड्डों का विस्तार किया जाना है, जबकि अन्य जगहों पर नई सेवाएं सृजित की जानी हैं। उन्होंने पटना और गया से शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को व्यावहारिक बनाने में अंतर के लिये 100 प्रतिशत समर्थन पर विचार करने को भी कहा है।
पटना से काठमांडू और दुबई और गया से बैंकॉक, काठमांडू और यांगून के लिये उड़ानें शुरू की जानी हैं। राज्य सरकार की सहमति मिलने के बाद केंद्र उड़ान योजना के तहत इन अंतरराष्ट्रीय मार्गों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करेगा। नागरिक उड्डयन मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री से इस काम के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर क्षेत्रीय हवाई संपर्क कोष ट्रस्ट में राशि जमा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार के लिये केंद्र, राज्य और हवाईअड्डा संचालकों के योगदान से एक कोष बनाया जा रहा है ताकि विमानन क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को नये स्थानों और मार्गों पर उड़ान शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और हवाई यात्रा का किराया भी बहुत महंगा मत हो। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुये अगले चार-पांच वर्षों में हवाई अड्डों के विस्तार के लिये 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया है।
वर्तमान में बिहार के पटना एयरपोर्ट के लिये 49.5 एकड़, पूर्णिया के लिये 50 एकड़, रक्सौल के लिये 121 एकड़, मुजफ्फरपुर के लिये 475 एकड़, दरभंगा के लिये 78 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत है।

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