बिहार के बेटे ने 3 बच्चों को बचाने के लिए खुद को किया कुर्बान, स्वीकार करो अंतिम प्रणाम

पटना: जीवन से मूल्यवान वस्तु कोई नहीं है। बिरले ही होते हैं, जिनके अंदर जीवन को दांव पर लगाने का साहस होता है। ऐसे शूरवीर धरती पर कम ही पैदा होते हैं, जैसा शूरवीर हमारे बिहार के नालंदा की धरती पर पैदा हुआ। नालंदा के अमित राज के लिए आज सारा देश रो रहा है। जो भी इनकी घटना सुन रहा उसकी आंखें नम हो जा रही हैं। अदम्य साहस का प्रदर्श करने वाले बिहार के लाल अमित राज अब हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन इतना तय है कि जब तक सूरज और चांद हैं, धरती पर उनकी कहानी मौजूद रहेगी।

तीन बच्चों को बचाने में चला गया हमारा लाल

नालंदा के अमित राज पुरुलिया सैनिक स्कूल में 10वीं के छात्र थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सैनिक स्कूल के पास एक मकान में आग लग गई थी। इस आग में तीन बच्चे फंस गए थे। आसपास मौजूद भीड़ में किसी का साहस नहीं हो रहा था कि उन बच्चों को बचाए। ऐसे में अमित राज अपनी जिंदगी को दांव पर लगाकर उस जलते मकान में घुस गए।

बच्चों को सलामती से निकाल लाए लेकिन…

अमित राज ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए तीनों बच्चों को आग से सुरक्षित निकाल लिया। लेकिन इस दौरान वह खुद को आग से नहीं बचा पाए। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज कामयाब नहीं हो सका और नालंदा का लाल अपनी वीरता के किस्से छोड़कर परमात्मा में लीन हो गया।

सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे लोग

अमित राज की बहादुरी का किस्सा उनके सहपाठियों के माध्यम से सामने आया है। जैसे ही लोगों को उनके इस साहस भरे काम और सबसे बड़े त्याग आनी जीवन त्याग का पता चला लोगों की आंखें नम हो गईं। लोग सोशल मीडिया पर अलग-अलग मैसजों के माध्यम से सैनिक स्कूल के इस वीर छात्र को बधाई दे रहे हैं। आज बिहार को शोक तो है लेकिन साथ ही अपने इस वीर सपूत पर गर्व भी है।

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