अटल पथ और गंगा पाथ-वे।

इसी महीने से जुड़ेगा अटल पथ और गंगा पाथ-वे, कई शहरों का होगा सीधा संपर्क

पटना : राजधानी पटना में अटल पथ को गंगा पाथ-वे से इसी महीने से जोड़ा जाएगा। इसे जोड़ने में आ रही अड़चन को दूर कर लिया गया है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह और एमसीआई के अधिकारियों की उपस्थिति में जमीन की नापी कराकर उसका सीमांकन करा लिया गया है। इस बारे में डीएम डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि जमीन सीमांकन का काम पूरा कर बीएसआरडीसी को जल्द से जल्द काम शुरू करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि एफसीआई की 1.13 एकड़ जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए ली गई है। इसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य है। गंगा पाथ-वे से जुड़ने के बाद जेपी सेतु से उत्तर बिहार आने-जाने में काफी ज्यादा सुविधा होगी। अटल पथ फेज-2 में 1.3 किलोमीटर दीघा से गंगा पाथ-वे को जोड़ा जाएगा। बीएसआरडीसी ने एफसीआई की 1.13 एकड़ जमीन खरीद के लिए जिला प्रशासन को 12 करोड़ 71 लाख 25 हजार की राशि जारी कर दी है।

गंगा पाथ-वे।

आईआरसीटीसी करा रहा सभी ज्योतिर्लिंगों का दर्शन
आईआरसीटीसी अपने यात्रियों को सभी ज्योतिर्लिंगों की एक साथ दर्शन करवा रहा है। इसके लिए 17 दिसंबर को ट्रेन रवाना होगा। 12 रात और 13 दिन की यात्रा होगी। इसमें प्रति यात्री 12285 रुपए का खर्च आएगा। आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि पहली बार बिहार से आस्था सर्किट ट्रेन स्टैचू ऑफ यूनिटी और भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की यात्रा कराएगी। यह ट्रेन 17 दिसंबर को धनबाद से खुलेगी। ट्रेन गोमो, कोडरमा, गया, तिलैया, राजगीर, नालंदा, बिहारशरीफ, बख्तियारपुर, पटना, आरा, बक्सर, दिलदारनगर और पंडित दीनदयाल जंक्शन होते जाएगी। इस संबंध में पर्यटन मैनेजर संजीव कुमार ने बताया कि बिस्कोमान भवन स्थित आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय कार्यालय या आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर कोई भी बुकिंग करा सकता है।

दिसंबर के पहले हफ्ते से 13 ट्रेनों में फिर शुरू होगा खानपान
दिसंबर के पहले हफ्ते से ट्रेनों में फिर से खान-पान की सेवा शुरू हो जाएगी। फिलहाल संपूर्ण क्रांति, श्रमजीवी एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस, हावड़ा जनशताब्दी, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस समेत 13 ट्रेनों में यात्रियों को खाना मिलेगा। आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि पहले से चल रही रेडी-टू-ईट और ई-कैटरिंग की सुविधा भी मिलती रहेगी। दिसंबर के अंत तक तेजस राजधानी समेत पूर्व मध्य रेल की सभी वैसी ट्रेनें, जिसमें कोरोना से पहले खाना मिलता था, उसमें सुविधा फिर बहाल की जाएगी।

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