प्रतीकात्मक तस्वीर। Image Source : Agencies

बापू टॉवर जल्द बनेगा पटना में, डिजाइन सीएम खुश, बोले- दस फीसदी लोग भी अगर उनके विचारों का अपना ले तो देश बदल जाये

Patna : पटना के गर्दनीबाग में बापू टॉवर का निर्माण कार्य होगा। इस बापू टॉवर के जरिये आनेवाले भविष्य को बापू के बताये मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद इस बापू टॉवर में दिलचस्पी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि बापू के विचारों से प्रेरित होकर ही उन्होंने बिहार प्रदेश में नारी उत्थान, शराबबंदी और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के प्रयास किये। और इन प्रयासों से सामाजिक स्तर पर काफी बदलाव भी आया है। बापू टॉवर को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बापू टावर का डिजाइन देखा और इसकी भौतिक प्रगति की जानकारी भी ली। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा- बापू टॉवर का डिजाइन बहुत बढ़िया है। उन्होंने इस डिजाइन को अपनी ओर से हरी झंडी दे दी।

भवन निर्माण विभाग ने एक अणे मार्ग में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री को बापू टॉवर का डिजाइन पेश किया। वहीं निर्माण कार्य से जुड़े आर्किटेक्ट ने प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि, प्रोजेक्ट की स्थिति, एग्जिबिशन डिजाइनिंग आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा – बापू टॉवर के निर्माण से हमारा उद्देश्य आने वाली पीढ़ी के लिये बापू के विचारों को समझना आसान बनाना है। अगर दस से पंद्रह प्रतिशत लोग भी बापू के विचारों को अपना लें तो देश और समाज बदल जायेगा।
बापू ने सात सामाजिक पापों की चर्चा की है – सिद्धांतों के बिना राजनीति, काम के बिना पैसा कमाना, विवेक के बिना खुशी, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान और बलिदान के बिना पूजा। पर्यावरण संरक्षण पर बापू ने कहा था कि धरती हमारी जरूरतें पूरी करने में सक्षम है, लालच न करें। बापू के इन विचारों को विशेष रूप से बापू टॉवर में प्रदर्शित करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया। उन्होंने कहा- बापू के विचारों को अपनाकर हमने नारी उत्थान, शराबबंदी और सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का काम किया है, इसे भी इसमें दिखाइये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू के जीवन में बिहार का विशेष स्थान है। गांधीजी की बिहार यात्रा के दौरान यहां की स्थिति का उन पर विशेष प्रभाव पड़ा और यहां के लोग उनके विचारों से काफी प्रभावित हुये। बापू के चंपारण आने के 30 साल के अंदर ही देश को आजादी मिल गई। इससे संबंधित इन सभी स्थानों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना चाहिये।
10 अप्रैल 2017 को गांधीजी के चंपारण आगमन के 100 वर्ष पूरे होने पर ज्ञान भवन में दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रवचन का आयोजन किया गया, जिसमें विचारकों, बुद्धिजीवियों, राजनेताओं, युवाओं ने भाग लिया और इसके आधार पर एक दस्तावेज तैयार किया गया। हमने देश भर के स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मानित किया।

 

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