इमरजेन्सी लैंडिंग के बाद आसपास के ग्रामीण हेलीॉप्टर देखने पहुंच गये। Image Source : tweeted by @JournoDevRaj

बाल-बाल बचे- खराबी, पंखों में चिंगारी के बाद चिनूक की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग, 20 जवान सवार थे

Patna : बिहार के बक्सर में बुधवार शाम भारतीय एयरमैन के साथ एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वायुसेना के 20 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर अत्याधुनिक चिनूक हेलीकॉप्टर को बक्सर के मानिकपुर गांव में आपात लैंडिंग करनी पड़ी। एक स्कूल के पास खेत में उतरने के बाद गीली मिट्टी के कारण हेलीकॉप्टर के पहिये भी धंस गये। मामले की जानकारी तत्काल वायुसेना के अफसरों के साथ-साथ इंजीनियरिंग विभाग के उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है। उनके आने के बाद जब प्रॉब्लम दूर होगी तभी इसके फिर से उड़ान भरने की संभावना है। फिलहाल इसमें सवार अधिकारियों व कर्मचारियों के लिये पास के मानिकपुर हाई स्कूल में ठहरने की व्यवस्था की गई है। जिस मैदान में हेलीकॉप्टर उतरा वह मानिकपुर हाई स्कूल के मैदान का हिस्सा है।

बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर ने प्रयागराज से उड़ान भरी थी। फिर कुछ तकनीकी समस्या आ गई। इस दौरान बक्सर में हेलीकॉप्टर के पंखों से अचानक चिंगारी निकलने लगी। इस वजह से हेलिकॉप्टर से आवाज भी काफी तेज आने लगी। इसी बीच ग्रामीणों ने देखा कि हेलीकॉप्टर डगमगाते हुये नीचे आने लगा। इसके बाद मानिकपुर गांव में इसको इमरजेंसी लैंड करते हुये देखा गया। पायलट ने बहुत समझदारी से काम लिया और हेलीकॉप्टर सुरक्षित उतार लिया। गया। बताया गया है कि हेलीकॉप्टर में दो श्रेणी I अधिकारी और अन्य कांस्टेबल और एसआई रैंक के जवान हैं।
हेलीकॉप्टर के उतरते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोग हेलिकॉप्टर से सेल्फी लेने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि हेलीकॉप्टर की तेज आवाज सुनकर सभी ग्रामीण पहले तो डरे और फिर हाई स्कूल के प्रांगण में पहुंचे। फिलहाल राजपुर थाने के पुलिस सब इंस्पेक्टर ताज मोहम्मद के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्कूल में सारी व्यवस्था कर रही है। पुलिस वायुसेना के अधिकारियों से बातचीत कर रही है। इमरजेंसी लैंडिंग के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है। एसपी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते हेलीकॉप्टर को उतारा गया। हेलीकॉप्टर में सवार सभी अधिकारी सुरक्षित हैं।
यह अमेरिकी चिनूक हेलीकॉप्टर है, जिसने पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसे दो साल पहले पुलवामा हमले के बाद मार्च 2019 में भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया है। यह हेलीकॉप्टर ऊंचे और दुर्गम इलाकों में उड़ान भर सकता है।

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