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बड़ा दावं- पप्पू यादव कांग्रेस की टिकट पर उप चुनाव में ठोंकेंगे ताल, अंतिम फैसले का इंतजार

Patna : बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में बिहार कांग्रेस अब राजद से दो हाथ करने के मूड में आ गई है। पार्टी ने पूर्व सांसद पप्पू यादव को तारापुर से चुनाव लड़ने की पेशकश की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने कहा है कि पप्पू यादव को जेल से रिहा कर दिया गया है। वह लालू यादव के बाद बिहार में यादवों के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं। कांग्रेस उनके संपर्क में है, लेकिन शर्त यह है कि पप्पू यादव तारापुर से कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ें। अगर वे सहमत होते हैं तो पार्टी इस पर विचार करेगी। हालांकि आगे क्या होगा यह पप्पू यादव के फैसले पर निर्भर करता है। लेकिन कांग्रेस ने पप्पू को ये ऑफर देकर राजद को घेरने की कोशिश जरूर की है।

पप्पू यादव भी एक तरह से चुनाव लड़ने के मूड में हैं। बस इसके लिये उनको जाप का विलय कांग्रेस में करना होगा। फिलहाल वे जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष हैं लेकिन उनकी पत्नी पूर्व सांसद रंजीता रंजन कांग्रेस में हैं। बता दें कि राज्य की दो सीटों पर हो रहे उपचुनाव में राजद से उम्मीदवार उतारने के बाद अब कांग्रेस राजद पर हमलावर हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि राजद ने भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के अभियान को कमजोर करने की कोशिश की है। गठबंधन को लेकर राजद ने उठाया गलत कदम। कांग्रेस अब कोई भी फैसला ले सकती है।
राजद से दूरी बढ़ाने और जदयू के करीब होने का इशारा करते हुये शकील ने कहा कि जब हम नीतीश कुमार के साथ महागठबंधन में थे तो हमारी जीत का स्ट्राइक रेट बहुत अच्छा था, लेकिन जो विशेष समीकरण की बात करते हैं, उनके समीकरण का क्या हुआ?
राजद ने तारापुर और कुशेश्वरस्थान से अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। इससे नाराज कांग्रेस जैसे को तैसा फॉर्मूला पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आज शाम दोनों सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिये अपने उम्मीदवार का ऐलान कर सकती है। पिछले विधानसभा चुनाव में कुशेश्वरस्थान सीट कांग्रेस के खाते में गई थी, लेकिन उपचुनाव में राजद ने यहां से भी प्रत्याशी देकर गठबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
पूर्व सांसद रंजीता रंजन ने कहा कि राजद ने जो किया है उसके बाद कांग्रेस पार्टी का चुप रहना जायज नहीं होगा। गठबंधन का सम्मान एकतरफा नहीं हो सकता है। अगर वे गठबंधन का ख्याल नहीं कर रहे हैं तो कांग्रेस ही क्यों करे। कांग्रेस भी अपने बलबूते आगे बढ़ेंगे। कन्हैया कुमार की ज्वाइनिंग से राजद की नाराजगी के सवाल पर कहा कोई अगर नाराज होता है तो हो, इससे कांग्रेस को क्या फर्क पड़ता है। हमारी पार्टी अपनी नीतियों पर चलते हुये आगे बढ़ेगी।

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