बड़ा दावा, क्या कांग्रेस के विधायकों की मदद से गिरिराज सिंह को CM बनाने में जुटी भाजपा?

पटना

ये सियासत है और सियासी पिच पर कब कोई बोल्ड हो जाए या कब कोई शतक मार दे, कुछ कहा नहीं जा सकता। अब बिहार के वर्तमान हालात को ही देख लीजिए। चुनाव खत्म हो गया, काउंटिंग हो चुकी है, एनडीए को बहुमत मिल चुका है। कोई दूसरा राज्य होता तो अबतक सीएम के शपथग्रहण वगैरह की डेट भी आ चुकी होती है। लेकिन भइया ये तो बिहार है, वो धरती जहां बैठकर चाणक्य ने सबको सियासत की सीख दी थी। ऐसे में बिहार से अभी केवल रंग-बिरंगी सियासी खबरें निकल रही हैं। लेकिन हम जो खबर लेकर सामने आए हैं उसके सियासी मायने तो और भी बढ़े दिख रहे हैं।

पत्रकार का दावा, कांग्रेस विधायकों को तोड़ने में जुटी भाजपा

हिंदी पट्टी की सियासी नब्ज को पहचानने वाले पत्रकार फ्रैंक हुजूर ने इस बीच एक बड़ा दावा किया है। सोशलिस्ट फैक्टर मैग्जीन के एडिटर फ्रैंक हुजूर के दावे की मानें तो भाजपा इस बार सूबे में अपना सीएम देने के लिए जुगत भिड़ा रही है। इसके लिए कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 19 सीटों पर जीत मिली है।

गिरिराज को सीएम बनना चाहती है भाजपा?

Giriraj Singh - Wikipedia

फ्रैंक हुजूर ने फेसबुक पोस्ट लिखकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा संभवतः गिरिराज सिंह को विधायक बनाने के लिए जोड़-तोड़ की कोशिश में जुटी हुई है। आपको बता दें कि गिरिराज सिंह बिहार भाजपा के कद्दावर नेता हैं और फिलहाल बेगुसराय से भाजपा सांसद हैं। गिरिराज सिंह भूमिहार जाति से आते हैं, जिसे बिहार में प्रभावशाली समझा जाता है।

पीएम मोदी के नाम की एक फर्जी चिट्ठी भी हो चुकी है वायरल

Fact Check: A letter claiming PM Modi supporting Giriraj Singh candidature  as chief minister of Bihar is fake - Fact Check: गिरिराज सिंह को बिहार का CM  बनाए जाने के समर्थन का

जाहिर तौर पर एक तबका है जो गिरिराज सिंह को बिहार का सीएम देखना चाहता है। ऐसा नहीं होता तो सोशल मीडिया पर वो कौन लोग हैं जो पीएम मोदी के नाम से एक फर्जी चिट्ठी वायरल कर रहे हैं। इस कथित चिट्ठी में पीएम मोदी को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को संबोधित करते हुए दिखाया जा रहा है। इस चिट्ठी में पीएम मोदी की तरफ से गिरिराज सिंह को सीएम पद की पैरवी करते हुए दिखाने की कोशिश की गई है। हालांकि ये चिट्ठी फर्जी है। तमाम जगहों पर इसका खंडन आ चुका है।

क्या फ्रैंक हुजूर के दावों में है दम?

What's at stake in Bihar elections for key political parties?

अंकगणित की बात करें तो पत्रकार फ्रैंक हुजूर के दावों में कोई खास दम नजर नहीं आता। इसकी वजह यह है कि जदयू को 43 सीटों पर जीत मिली है। अगर नीतीश को सीएम नहीं बनाया गया तो जदयू अपने विधायकों का समर्थन क्यों देगी? ऐसे में भाजपा 43 विधायकों का नुकसान कहां से पूरा करेगी? यही वो गणित है जिसकी कसौटी पर फ्रैंक हुजूर के दावे की हवा निकलती नजर आ रही है।

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