प्रतीकात्मक तस्वीर। Image Source : facebook.com/mmmani.mundackal

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : अब इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराना बिलकुल फ्री

New Delhi : केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को खुश होने का एक और कारण दे दिया है। केंद्र सरकार ने उन लोगों को एक और छूट की पेशकश की है जो इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करने की योजना बना रहे हैं। केंद्र ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि ईवी-मालिकों को अब पंजीकरण प्रमाणपत्र शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। मंगलवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस आशय की अधिसूचना जारी की। नई अधिसूचना के मुबाबिक सभी बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने या नवीनीकरण के लिए शुल्क के भुगतान से छूट दी गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि बैटरी से चलने वाले वाहनों को नये रजिस्टर्ड नंबर्स के असाइनमेंट के लिये शुल्क के भुगतान से छूट दी गई है। वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत का चार फीसदी रजिस्ट्रेशन शुल्क का प्रावधान था।

 

ईंधन की बढ़ती लागत के साथ-साथ वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के बीच अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करने के लिये प्रोत्साहित करने के सरकार के प्रयासों के तहत यह निर्णय लिया गया है। घरेलू करों को कम रखकर इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की पहल के बावजूद FAME II योजना के माध्यम से प्रोत्साहन की पेशकश और देश में EV पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के लिये EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने में मदद करने के बावजूद भारत में EV को अपनाने की रफतार बेहद कम है। सरकार जैसा स्पीड चाहती है उसकी तुलना में यह धीमा है उचित बुनियादी ढांचे जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, जबकि इलेक्ट्रिक कारों की लागत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की तुलना में अधिक है।
पिछले हफ्ते, यूएस-आधारित इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये लगाये गये उच्च आयात शुल्क पर एक बहस छेड़ दी। इस बहस में भारत में कार निर्माता अपनी राय में विभाजित हो गये कि क्या सरकार को ऐसे वाहनों की लागत को कम रखने और बड़े पैमाने पर उन्हें अधिक किफायती बनाने के प्रयास में छूट की पेशकश करनी चाहिये।
यह सुनिश्चित करने के लिये कि EV अपनाना त्वरित है, कंपनियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि वाहन की रेंज अधिक हो, चार्जिंग का समय कम हो और कुल मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहन की पूछ लागत प्रतिस्पर्धा से कम हो। अब केंद्र सरकार ने थोड़ा मदद जोड़ते हुये ईवीएस के लिये पंजीकरण शुल्क या नवीनीकरण शुल्क पूरी तरह से हटा दिया है। पंजीकरण शुल्क बाइक की ऑन-रोड कीमत का कम से कम 1/10 भाग होता है। यह ईवी मालिकों के लिये एक स्वागत योग्य और राहतभरा फैसला बनकर सामने आया है। (Input : www.livebavaal.com)

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