कॉलेज और परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला, पूरी डिटेल यहां जानें

पटना
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने 2020-21 सत्र की शुरुआत कर 1 नवंबर से कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिये हैं। कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यूजीसी ने प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए एक बार फिर से संशोधित एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है।

बता दें कि आयोग द्वारा 29 अप्रैल को वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर जारी किया गया था। जिसमें प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए नए सत्र की शुरुआत 1 सितंबर से होनी थी। लेकिन कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यूजीसी ने एक बार फिर से इसमे संशोधन करते हुए संशोधित एकेडमिक कैलेंडर जारी कर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नए दिशा निर्देश दिये हैं। इसके तहत 1 नवंबर से नए सत्र की कक्षाओं की शुरुआत और 31 अक्टूबर तक प्रवेश की प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिये गए हैं।

इसमे कहा गया है कि लॉकडाउन अवधि में छात्रों की छूटी पढ़ाई की भरपाई के लिए कॉलेजों में अब सप्ताह में छह दिन पढ़ाई होगी। इसके अलावा यूजीसी ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सर्दी, गर्मी की छुट्टियों को भी रद्द करने के निर्देश दिये हैं। वहीं आयोग ने कॉलेजों से कहा है कि अगर कोई भी छात्र 3 नवंबर से पहले अपना दाखिला वापस लेता है तो कॉलेज प्रशासन को उनकी पूरी फीस वापस करनी होगी। जारी दिशा निर्देश में ये साफ कहा गया है कि 30.11.2020 तक प्रवेश रद्द/प्रवास की स्थिति में सभी शुल्कों सहित पूरी फीस (जीरो कैंसिलेशन चार्ज) वापस कर दी जाए।

नवंबर तक भी अगर गृह मंत्रलाय द्वारा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को पूरी तरह से खोलने का निर्णय नहीं आता है तो प्रथम वर्ष के छात्र अपने कॉलेज की शिक्षा ऑनलाइन शुरू कर सकेंगे। संशोधित कैलेंडर के मुताबिक प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी होनी चाहिए और पहले सेमेस्टर के लिए कक्षाएं 1 नवंबर से शुरू हो जानी चाहिए। देरी से शुरू हो रहे सत्र के छात्रों के लिए अगले वर्ष भी इसी समय दूसरा सत्र शुरू होगा क्योंकि यह छात्र 30 अगस्त 2021 तक दूसरे वर्ष में पहुंचेंगे।

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