बिहार को लेकर आ गया ओपिनियन पोल, जानें किस पार्टी को कितनी सीटों का अनुमान

पटना

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में अब ज्यादा वक्त नहीं रह गया है। इस बार बिहार में क्या फिर से नीतीश कुमार की सरकार लौटेगी या फिर इस बार महागंठबंधन की सरकार बन सकती है, यह एक बड़ा सवाल है। माना जा रहा है कि इस बार तेजस्वी यादव की पार्टी राजद चुनाव में बड़ा उलटफेर कर सकती है। आखिर चुनाव में क्या होने वाला है, इसे लेकर न्यूज़ चैनल एबीपी न्यूज़ सी वोटर ने एक ओपिनियन पोल किया है। इस ओपिनियन पोल की मानें तो तो राज्य के तीन क्षेत्रों में जो 100 सीटें मौजूद हैं, उनमें जहां एनडीए को 66 सीटें मिलती हुईं दिख रही हैं, वहीं इन क्षेत्रों में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी का असर बिल्कुल भी नहीं दिख रहा है। यह ओपिनियन पोल बिहार के पहले चरण के चुनाव के ठीक पहले आया है। ऐसे में यह बड़ा ही महत्वपूर्ण हो जाता है।

पहले चरण में 71 सीटों पर चुनाव

गौरतलब है कि बिहार में पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को होने जा रहा है। इस दौरान 71 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जिनमें मुख्य रुप से सुलतानगंज, मुंगेर, कहलगांव, जमालपुर, बांका, मोकामा, सासाराम, मखदुमपुर, बाराचट्टी, बोधगया, जहानाबाद, जमुई और शेरघाटी आदि सीटें शामिल हैं।

अंग प्रदेश का हाल

ओपिनियन पोल में बताया गया है कि अंग प्रदेश में जो 27 सीटें मौजूद हैं, उनमें से 16 से 20 सीटें एनडीए के पास जा रही हैं। ओपिनियन पोल महागठबंधन के खाते में इस क्षेत्र में 6 से 10 सीटें जाता हुआ दिखा रहा है। इसमें यह संभावना जताई गई है कि चिराग पासवान की लोजपा को यहां एक भी सीट नहीं मिल सकती है। हो सकता है कि 2 सीटें उसके खाते में चली जाएं। अन्य को यहां या तो एक भी नहीं या फिर 1 सीट इस ओपिनियन पोल के मुताबिक मिल सकती है।

वोट प्रतिशत जो इस ओपिनियन पोल में बताया गया है, उसके मुताबिक यहां सबसे अधिक 47 प्रतिशत वोट एनडीए के खाते में जा रहा है, जबकि महागंठबंधन को 29 फीसदी वोट मिल रहे हैं। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा को यहां 4 प्रतिशत, जबकि अन्य को 20 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है।

सीमांचल में कौन आगे?

एबीपी सी वोटर ओपिनियन पोल बता रहा है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए को सीमांचल की 24 सीटों में से 11 से 15 सीटें मिल सकती हैं। ओपिनियन पोल के मुताबिक सीमांचल में महागठबंधन का प्रदर्शन थोड़ा ठीक नजर आ रहा है। अनुमान है कि यहां तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले इस महागंठबंधन को 8 से 11 सीटें तक मिल सकती हैं। लोक जनशक्ति पार्टी के लिए सीमांचल से ओपिनियन पोल के अनुसार बुरी खबर है, क्योंकि उसके खाते में एक भी सीट जाती हुई नहीं दिख रही है। अनुमान है कि अन्य को यहां 1 सीट मिल सकती है।

ओपिनियन पोल में सीमांचल के वोट प्रतिशत का भी अनुमान लगाया गया है। वोट प्रतिशत देखा जाए तो सबसे अधिक 46 फीसदी महागंठबंधन को मिलने का अनुमान है। वहीं, एनडीए को 28 फीसदी और लोजपा को 4 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। अन्य के खाते में 22 प्रतिशत वोट जाने की संभावना है।

मगध क्षेत्र में इन्हें सबसे ज्यादा सीटें

अब बात करते हैं मगध क्षेत्र की, जहां 69 सीटों में से एनडीए को ओपिनियन पोल के अनुसार 36 से 44 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि महागंठबंधन को ओपिनियन पोल के मुताबिक 23 से 30 सीटों में ही संतुष्ट होना पड़ सकता है। यहां अन्य को 2 से 3 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि ओपिनियन पोल मान रहा है कि चिराग पासवान की एलजेपी यहां खाता तक नहीं खोल सकती है। वोट प्रतिशत को देखा जाए तो यहां भी एनडीए को सबसे अधिक 44 फ़ीसदी, जबकि महागंठबंधन को 33 फ़ीसदी वोट मिल रहे हैं। वहीं, लोजपा के खाते में 4 फ़ीसदी और अन्य के खाते में 19 फ़ीसदी वोट जा रहे हैं।

मिथिलांचल में किसका पलड़ा भारी?

मिथिलांचल की बात करें तो यहां भी एनडीए ही आगे चल रहा है। यहां की 50 विधानसभा सीटों में से 27 से 31 सीटें एनडीए के खाते में जाती हुईं नजर आ रही हैं, वहीं महागंठबंधन को 18 से 21 सीटें ओपिनियन पोल में मिलने का अनुमान जताया गया है। यहां लोजपा को 1 से 3 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि एक सीट अन्य को ओपिनियन पोल के मुताबिक मिल सकती है। यहां का वोट प्रतिशत बताता है कि सबसे अधिक 41 फ़ीसदी वोट एनडीए को, जबकि 38 फ़ीसदी महागंठबंधन को मिल सकता है। वहीं, लोजपा को 4 फ़ीसदी और अन्य को 17 फ़ीसदी वोट मिलने का अनुमान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *