बिहार में अजब है सरकार, कुर्सियां भी रखी हैं ताला मार, देख रहे हैं कि नहीं नीतीश कुमार!

पटना

ये बिहार है। देश का अनोखा राज्य है तो तस्वीरें भी अनोखी ही आएंगी। अब इसी तस्वीर को लीजिए। वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र नाथ मिश्रा के वॉल से उठाई गई इस तस्वीर को हमने सोचा कि आपको भी दिखा ही दिया जाए। ये तस्वीर बिहार के झंझारपुर की है। यहां एक सरकरी दफ्तर में कुर्सियों को ताला मार कर रखा गया है। एक वक्त था बिहार में जब चाणक्य के जमाने में लोग घरों में ताला नहीं लगाते थे। चोरी होती ही नहीं थी। लेकिन हाय रे बिहार की किस्मत। क्या से क्या हो गया देखते-देखते।

कुर्सियों की छीना झपटी में फंसे नेता तो हाल ये होना ही था

नालंदा जैसे विश्वविद्यालय के दम पर पूरी दुनिया में ज्ञान पुंज के रूप में विख्यात एक समय का बिहार आज इस हाल में पहुंच गया। लोगों के घर-बार तो छोड़िए कुर्सियां तक संकट में हैं सरकार। आखिर जिस राज्य के नेता केवल अपनी कुर्सी बचाने की जुगत में भिड़े बैठे हों वहां इन सरकारी विभागों की कुर्सियों की किसे चिंता। नेता कुर्सी बचाने में जुटे हैं, अफसर आकंठ भ्रष्टाचार में तो कुर्सियां क्या, एकदिन कहीं स्टेट पर ही ताला न लगाना पड़े।

बिहार का हाल सही ही बयान करती हैं कुर्सियां

अब कुर्सी की वजह से बात निकल ही गई है, तो इसे दूर तलक जाना चाहिए। असल में आजकल देश में किसान बिल को लेकर उफान है। पंजाब और हरियाणा के किसानों ने दिल्ली सरकार की नाक में दम कर दिया है। किसान सरकार को अंबानी अडानी वाली और किसानविरोधी ठहरा कर दिल्ली का रास्ता जाम कर बैठे हैं। लेकिन बिहार के किसान मस्त हैं। कहीं आप ये तो नहीं समझ बैठे की बिहार के किसान काफी अमीर हैं इसलिए मस्त हैं। अगर ऐसा समझ बैठे हैं तो आइए आपकी इस समझ को साफ करते हैं।

देश में सबसे गरीब हैं बिहार के किसान

जी हां, आपने शीर्षक बिल्कुल सही पढ़ा है। देश में सर्वाधिक अमीर किसान पंजाब के हैं। दूसरे नंबर पर हरियाणा के किसान हैं। बिहार के किसान भी टॉप कर रहे हैं, लेकिन नीचे से। पंजाब के किसानों की महीने की औसत आमदनी 18,059 रुपये है। बिहार के किसानों की बात करें तो उनकी मासिक आमदनी 3358 रुपये है। असल में सवाल ये है कि कौन कितना जागरूक है। जो जितना जागरूक है वो अपने हक और वसूल की लिए उतना ही आंदोलन करता है। अब जहां कुर्सी को बचाने के लिए ताला लगाना पड़ रहा है, वहां जागरुकता की बात न ही की जाए को बेहतर है।

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