सुशील के निशाने पर लालू।

बिहार चुनाव में लालू की एंट्री हुई तो सुशील मोदी होंगे ‘खुश’, बयान तो कुछ ऐसा ही कर रहे इशारा

पटना

बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। रोजाना ऐसे राजनीतिक बयान सामने आ रहे हैं जो बिहार में चुनावी तपिश को बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में बिहार के डेप्युटी सीएम सुशील मोदी ने लालू प्रसाद यादव पर नया तंज कसा है। असल में सुशील मोदी को लगता है कि अगर बिहार चुनावों में लालू की एंट्री हो जाती है तो एनडीए को जीतने में आसानी होगी। उन्होंने बयान दिया है कि लालू यादव अगर जेल से बाहर आए तो उनके लिए चुनाव प्रचार आसान हो जाएगा।

सुशील मोदी अपने इस बयान में जान डालने के लिए लोगों को 2010 का विधानसभा चुनाव भी याद दिला रहे हैं। सुशील मोदी ने कहा है कि 2010 के चुनाव में लालू यादव जेल के बाहर थे और पूरे चुनाव में धुंआधार प्रचार किया था। इसके बावजूद राजद मात्र 22 सीटों पर सिमट गया था।

हालांकि सुशील मोदी चाहें तो 2015 का चुनाव भी याद कर सकते हैं क्योंकि तब भी लालू जेल से बाहर थे। हालांकि इसे याद करना तब के आंकड़ों के लिहाज से शायद भाजपा के लिए मुनासिब नहीं होगा। बहरहाल सुशील मोदी ने विपक्ष को चुनौती भी दी है कि वो चाहे तो इस चुनाव में बिजली, पानी व सड़क को मुद्दा बनाए। यानी सुशील मोदी इस बात को लेकर कॉन्फिडेंट हैं कि इन मुद्दों पर एनडीए की सरकार ने बिहार में खूब काम किया है।

सुशील मोदी ने लगे हाथ ये भी दावा किया है कि बिहार का ऐसा कोई गरीब परिवार नहीं है जिसे कोरोना संकट के दौरान खाते में कम से कम 4 हजार रुपये नहीं मिले। उनके मुताबिक केंद्र और राज्य सरकार ने बिहार के गरीबों को 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मदद की है।

ये तो बात हुई सुशील मोदी के राजनीति वार की। बिहार में हर साल की तरह बाढ़ है, कोरोना का हाहाकार है और ‘बिहार में बहार’ का भी चुनावी प्रचार है। ऐसे में इस विधानसभा चुनाव में जनता ने क्या मन बनाया है, इसे देखना काफी रोचक होने वाला है।

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