बिहार: किसान ने गोभी का खेत ट्रैक्टर से जोता था, सरकार तक पहुंची बात, खाते में आए इतने रुपये

पटना: पिछले दिनों हमने आपको बिहार के समस्तीपुर के किसान ओम प्रकाश यादव से जुड़ी एक खबर दिखाई थी। ओम प्रकाश यादव मुक्तापुर के रहने वाले हैं और उन्होंने गोभी की खेती कर रखी है। ओम प्रकाश यादव ने इस बार बड़ी लगन से गोभी की खेती की थी। इस खेती पर उन्हें प्रति कट्ठे के हिसाब से 4 हजार रुपये का खर्च पड़ा था। उन्होंने कुल 2 लाख रुपये की रकम लगाई थी। जब फसल तैयार हुई तो मंडी में गोभी एक रुपये किलो से भी नीचे के भाव पर पहुंच गई। ओम प्रकाश यादव इतना आहत हुए कि उन्होंने पूरी खड़ी फसल को खुद ट्रैक्टर लगा कर जोत दिया। अब हमारी इस खबर ने दिल्ली तक असर किया है।

केंद्र सरकार तक पहुंची ओम प्रकाश यादव की पीड़ा

बिहार से जुड़ी इस खबर की रिपोर्टिंग के बाद केंद्र सरकार तक भी यह मामला पहुंच गया। केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मामले को लेकर बकायदा ट्वीट किया है। उन्होंने बताया कि मीडिया से इसकी जानकारी होने के बाद उन्होंने कॉमन सर्विस सेंटर को किसान ओमप्रकाश यादव से संपर्क कर उनकी फसल को किसी भी बाजार में बेचने की व्यवस्था करने को कहा। कॉमन सर्विस सेंटर के प्रयासों से दिल्ली के एक खरीदार ने गोभी की बची हुई फसल को खरीद लिया है।

रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर बताया पूरा मामला

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘कल मीडिया के द्वारा मुझे खबर मिली थी कि बिहार के समस्तीपुर के मुक्तापुर गांव के किसान ओम प्रकाश यादव को अपने खेत में उगाई गोभी की फसल का स्थानीय आढ़त में मात्र एक रुपया प्रति किलो भाव मिल रहा था। निराश हो कर उन्होंने अपने खेत के कुछ हिस्से पर ट्रैक्टर चलवा कर फसल को नष्ट कर दिया। मैंने अपने विभाग के कॉमन सर्विस सेण्टर को निर्देश दिया कि इस किसान से संपर्क कर इनकी फसल को देश के किसी भी बाज़ार में उचित मूल्य पर बेचने का प्रबंध किया जाये। @CSCegov_ के डिजिटल प्लेटफॉर्म ई-किसान मार्ट पर इस किसान को दिल्ली के एक खरीदार ने दस रूपये प्रति किलो का मूल्य ऑफर किया। किसान और खरीदार की आपसी सहमति कुछ ही घंटों में किसान के बैंक खाते में आधी राशि एडवांस के रूप में पहुँच गई। आज मुझे पता चला है कि न सिर्फ ट्रांसपोर्ट उपलब्ध करवाया गया बल्कि बची हुई राशि भी किसान के बैंक खाते में जमा हो गई है और समस्तीपुर की गोभी दिल्ली के लिए रवाना हो गई है। अब @narendramodi  सरकार के नए कृषि कानूनों ने किसान को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आज़ादी दे दी है। बिहार का ये किसान जिसे स्थानीय मंडी में मिल रहे दाम से निराश हो कर अपनी फसल नष्ट करने पर मजबूर होना पड़ा था, अब स्थानीय दाम से दस गुना अधिक दाम पर दिल्ली में अपनी फसल बेच पाया है।’

एक चौथाई फसल को ट्रैक्टर से जोत दिया था

किसान ओमप्रकाश यादव ने अपनी गोभी की एक चौथाई फसल को ट्रैक्टर से जोत दिया था। केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली के खरीदार ने किसान को 10 रुपये किलो गोभी कीमत अदा की है, जबकि स्थानीय मंडी में किसान को एक रुपये किलो की कीमत मिल रही थी। खरीदार ने बिहार के इस किसान से 4000 किलो गोभी खरीदी है और 40 हजार रुपये उनके खाते में जमा भी करा दिए हैं।

हाथों हाथ ट्रक पर लोड हुई फसल, खाते में पहुंचा धन

बुधवार को ही किसान की 4000 किलो गोभी की फसल ट्रक पर लोड करा दिल्ली भेज दी गई। ट्रांसपोर्ट का खर्चा भी दिल्ली वाले खरीदार ने ही उठाया है। केंद्रीय मंत्री ने फोन कर किसान से बात भी की है। ये संभव हुआ कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के डिजिटल प्लेटफॉर्म ई किसान मार्ट पर अपनी फसल को पेश करने पर।

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