प्रतीकात्मक तस्वीर। Image Source : Live Bihar/ Vishal Kumar

देश के जिला अस्पतालों में सबसे कम बेड बिहार में, 1 लाख की आबादी पर मात्र 6 बेड, राष्ट्रीस औसत 24

New Delhi : देश में एक जिला अस्पताल में प्रति 1 लाख की आबादी पर औसतन 24 बिस्तर हैं। पुडुचेरी में सबसे अधिक औसतन 222 बिस्तर हैं और बिहार में सबसे कम 6 बिस्तर हैं। नीति आयोग ने ‘जिला अस्पतालों के प्रदर्शन में सर्वोत्तम अभ्यास’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट के मुताबिक- 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 75 जिला अस्पताल बेड, मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ, कोर हेल्थ और डायग्नोस्टिक टेस्टिंग सेवाओं की उपलब्धता जैसे संकेतकों पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले के रूप में सामने आये हैं। प्रति 100,000 जनसंख्या पर वर्किंग हॉस्पिटल्स के बिस्तरों की संख्या देश में औसतन एक जिला अस्पताल में प्रति 1 लाख आबादी पर 24 बिस्तर हैं। भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक (आईपीएचएस) 2012 के दिशानिर्देश जिला अस्पतालों को प्रति 1 लाख आबादी पर कम से कम 22 बिस्तर बनाये रखने की सलाह देते हैं।

अब इस रिपोर्ट के सामने आने से यह बात तो साबित हो गई है कि बिहार अस्पतालों की हालत बेहद बुरी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट‍्वीट किया है- 16 वर्षों के थकाऊ परिश्रम के बूते बिहार को नीचे से नंबर-1 बनाने पर नीतीश जी को बधाई। 40 में से 39 लोकसभा MP और डबल इंजन सरकार का बिहार को अद्भुत फ़ायदा मिल रहा है। नीति आयोग की रिपोर्ट अनुसार देश के जिला अस्पतालों में सबसे कम बेड बिहार में हैं, 1 लाख की आबादी पर मात्र 6 बेड।
रिपोर्ट के मुताबिक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 707 जिला अस्पतालों ने प्रदर्शन मूल्यांकन में भाग लिया। वर्ष 2017-18 के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के आंकड़ों को इस अभ्यास के लिये आधार रेखा के रूप में इस्तेमाल किया गया है।
पुडुचेरी में देश में सबसे ज्यादा औसत बेड थे। यहां एक जिला अस्पताल में प्रति 1 लाख आबादी पर औसतन 222 बेड थे, जबकि बिहार में प्रति 1 लाख की आबादी पर सबसे कम 6 बेड। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुल 707 अस्पतालों में से 101 ने सभी 14 कार्यात्मक विशेषताओं वाले मानदंडों को पूरा किया। तमिलनाडु में सभी कार्यात्मक विशेषताओं वाले अस्पतालों का अनुपात सबसे अधिक था, इसके बाद कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और केरल थे।
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आदि राज्यों में अधिक आबादी वाले जिलों ने केपीआई में उच्च स्कोर प्राप्त किया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मूल्यांकन ढांचे में संरचना और आउटपुट के डोमेन में 10 प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि अस्पतालों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है : छोटे अस्पताल (200 बिस्तर से कम या उसके बराबर), मध्यम आकार के अस्पताल (200-300 बिस्तरों के बीच) और बड़े अस्पताल (300 बिस्तरों से अधिक)।
नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के एक घटक बोर्ड ने ऑन-ग्राउंड डेटा सत्यापन किया है। वर्तमान में, देश भर में 800 से अधिक जिला अस्पताल आबादी को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

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