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बिहार में आज लॉकडाउन लगाने का फैसला हो सकता है, हाईकोर्ट सरकार की हीलाहवाली से नाराज

New Delhi : बिहार में कोरोना महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन का फैसला आज ही लिया जा सकता है। एक तरफ हाईकोर्ट बिहार सरकार पर गरम है तो दूसरी ओर दिनोंदिन राज्य की हालत बदतर होती जा रही है। विपक्ष ने भी नीतीश सरकार पर ढुलमुल रवैये का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट‍्वीट करके कहा कि मुख्यमंत्री जी यह समय मुंह में दही जमाकर बैठने का नहीं है। आपको कुछ करना होगा। लोगों को ऑक्सीजन और बेड अस्पतालों में नहीं मिल रहा है। आम लोग बीमारी से तडप रहे हैं। इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। अन्य राज्य सरकारें केंद्र पर दबाव बनाकर अपने अपने कोटे से ज्यादा का ऑक्सीजन हासिल कर ले रही है लेकिन बिहार सरकार अपने कोटे का ऑक्सीजन भी हासिल नहीं कर पा रही है।

हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई के दौरान इसी मसले पर सरकार की खूब खिंचाई हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्रीय कोटे से 194 मेट्रिक टन ऑक्सीजन का आवंटन हो रहा है लेकिन उठाव केवल 160 मीट्रिक टन ही हो रहा है। ऐसा क्यों हो रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार के पास कोरोना महामारी से निपटने का कोई ठोस एक्शन प्लान नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के कुछ अफसरों के जरिये कुछ डाटा दे दिया जा रहा है। सरकार की ओर से अब तक जो प्लान दिये गये हैं वो आधे अधूरे और कोरोना से निपटने के लिये अप टू मार्क नहीं है। सरकार के पास डॉक्टर, वैज्ञानिक, नौकरशाह की कोई एडवाइजरी कमेटी तक नहीं है। अब तक कोई वार रूम नहीं है।
इधर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की मंगलवार को बैठक है, इसमें कोरोना और लॉकडाउन को लेकर निर्णायक फैसला होने की उम्मीद की जा रही है। सरकार की एक तबके की सोच है कि अगर कोरोना से छुटकारा पाना है तो लॉकडाउन ही एकमात्र उपाय है। वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को नीतीश कुमार पटना की सड़कों पर घूमे और देखा कि कोरोना प्रोटोकाल का पालन सख्ती से हो रहा है या नहीं। वैसे तो प्रशासनिक स्तर पर सख्ती की बात कही जा रही है लेकिन कोरोना केसों की संख्या घटने की बजाये बढ़ती ही जा रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट‍्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है।

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