1 लाख की नौकरी छोड़ी, औरंगाबाद के राजेश का खेती से टर्नओवर एक करोड़ पार, आप भी सीखें

पटना

अगर आपने एक्सएलआरआई जमशेदपुर जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान से प्रबंधन की पढ़ाई की हो और आपकी सैलरी एक लाख से अधिक हो तो क्या आप अपनी नौकरी छोड़ेंगे? या यूं कहें कि इस एक लाख की नौकरी को छोड़ क्या आप खेती का रास्ता पकड़ेंगे? हमें नहीं पता कि आपका जवाब क्या होगा, लेकिन आज की मानसिकता के हिसाब से अनुमान लगाएं तो अधिकतर लोगों की तरफ से ना का ही जवाब सुनने को मिलेगा। लेकिन औरंगाबाद के राजेश कुमार सिंह का उदाहरण देखें तो इसका जवाब हां है। राजेश ने कॉर्पोरेट में अपना अच्छा खासा करियर छोड़कर न केवल खेती का दामन पकड़ा बल्कि आज वो कामयाबी के मुकाम पर भी हैं।

14 साल नौकरी के बाद लौटे खेती की ओर

आज हम आपको औरंगाबाद के राजेश कुमार सिंह की कहानी बता रहे हैं। राजेश औरंगाबाद के नवीनगर के रहने वाले हैं। उन्होंने एग्री बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई एक्सएलआरआई जमशेदपुर से की है। वह 14 सालों तक कृषि आधारित उद्योगों में काम करते रहे। जब उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला लिया तब उनका वेतन प्रति महीने एक लाख रुपये से भी अधिक था। उनके इस फैसले का चहुंओर विरोध हुआ पर राजेश तो मन में कुछ और ही ठान चुके थे। कुछ समय बाद लोगों को भी महसूस हुआ कि वो गलत ही राजेश का विरोध कर रहे थे।

जमीन लीज पर लेकर शुरू किया काम

राजेश ने 2014 में नौकरी छोड़ 45 एकड़ जमीन को लीज पर लिया। इसी बीच उन्होंने एग्रो बिजनेस की अपनी कंपनी शुरू कर दी। उन्होंने औषधीय पौधों की न खेती की बल्कि उनका तेल निकालने की यूनिट भी लगाई। खासकर उन्होंने लेमनग्रास, तुलसी और पुदीने पर ध्यान दिया। धीरे धीरे आसपास के किसान भी उनसे जुड़ने लगे। बाद में उन्होंने मशरूम और बेबी कॉर्न का उत्पादन भी शुरू कर दिया।

500 टन से ज्यादा तेल का उत्पादन

राजेश को खेती पर फोकस किए महज 6 साल ही बीते हैं और उनका काम जबर्दस्त चल रहा है। फिलहाल उनके पास 3 प्रोसेसिंग यूनिट हैं, जिनसे सालाना 500 टन से ज्यादा औषधीय तेल का उत्पादन होता है। राजेश बिहार के आसपास के सभी प्रदेशों में इस तेल को पहुंचाते हैं। उनके मुताबिक फिलहाल उनकी कंपनी का टर्नओवर सालाना एक करोड़ रुपये को पार कर गया है।

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