बिहार में एनडीए के लिए आज का दिन भारी, लोजपा के बाद जदयू-भाजपा में भी पेच फंसा

पटना

बिहार के राजनीतिक उठापठक की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट को बताने से पहले हम बिहार के सुधि पाठकों से ही एक सवाल पूछ लेते हैं। जरा आप सभी अपनी याददाश्त पर जोर डालकर हमें ये बताइए कि बिहार में इतना बेतरतीब चुनाव आपने कब देखा था। मतलब हद ही है इस बार तो। बिहार में पहले चरण के लिए 71 सीटों पर 28 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। नामांकन 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुका है और अभी सत्तापक्ष के दलों में सीट शेयरिंग को लेकर समहति ही नहीं बनी है। खैर इस सहमति की आधिकारिक घोषणा तो विपक्षी महागठबंधन ने भी नहीं की है लेकिन उस धड़े से सैद्धांतिक सहमति को लेकर एक फॉर्म्युला जरूर बाहर आया है। इन सबके बीच शनिवार को शनि महाराज बिहार में एनडीए के लिए कुछ सही नजर नहीं आ रहे हैं।

अबतक केवल चिराग रूठे थे पर मामला हुआ और गंभीर

अबतक एनडीए में केवल चिराग के रूठने-मनाने की खबरें सामने आ रही थीं, लेकिन अब बीजेपी और जदयू के बीच भी पेच फंसने की नौबत आ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भाजपा ने जदयू के बराबर सीटों पर लड़ने की दावेदारी ठोक दी है। ऐसे में बिहार में नीतीश कुमार के बिग ब्रदर होने की छवि संकट में है। रिपोर्ट्स की मानें तो जदयू भाजपा की इस मांग को लेकर सहमत नहीं है और अब भी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर अड़ी हुई है। इस हफ्ते बीजेपी के चुनाव प्रभावी देवेंद्र फडणवीस और बिहार भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव ने बहुत कोशिश की कि सीट शेयरिंग का मामला सुलझे लेकिन ये और उलझता नजर आ रहा है।

क्या आज चिराग एनडीए से बाहर होने का करेंगे ऐलान?

अभी आप दिल थाम कर इस रिपोर्ट को पढ़ते रहिए क्योंकि ये भी एक धमाकेदार खबर ही है। रिपोर्ट्स ये हैं कि एनडीए में चल रही खींचतान को लेकर लोजपा और चिराग पासवान के सब्र का बांध टूटने की कगार पर है। शनिवार को लोजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भाजपा और जदयू के साथ बात नहीं बन पाने की वजह से चिराग पासवान ने अब गठबंधन से बाहर निकलने का मन बना लिया है। इस बार राम विलास पासवान की तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से बिहार चुनाव का पूरा जिम्मा चिराग पासवान ही संभाले हुए हैं। अगर चुनाव के इतने नजदीक आकर चिराग पासवान एनडीए का साथ छोड़ते हैं तो सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए ये बहुत बड़ा झटका होगा।

उधर महागठबंधन के बीच सैद्धांतिक सहमति बन गई

महागठबंधन में राजद और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग के मुद्दे को लेकर तनाव चल रहा था। गठबंधन में अधिक घटक दल होने के चलते किसी न किसी की बात अटक ही जा रही थी। लेकिन अब शायद सबकुछ ठीक कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत के बाद महागठबंधन का गतिरोध समाप्त हो गया है। मीडिया में एक कथित फॉर्म्युला सामने आया है। इसके मुताबिक कांग्रेस के हिस्से में 68 सीटें आने की बात कही जा रही हैं। वहीं राजद 138 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार बताई जा रही है। सीपीआई एमएल को 19 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 10 सीटें देने की बात हुई है। अभी सीटों की फाइनल टैली में बदलाव मुमकिन है।

एक अक्टूबर से शुरू हो चुका है पहला चरण

आपको बता दें कि एक अक्टूबर से ही बिहार विधानसभा के पहले चरण का आगाज हो चुका है। पर्चा भरने का दौर शुरू हो चुका है। पहले चरण में 71 सीटों के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होना है। इसके बावजूद अभी सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ही अपनी रार ही सुलझने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि इस बीच महागठबंधन को लेकर ये जो नया डेवलपमेंट आया है, इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि एनडीए की तरफ से भी कोई बड़ी घोषणा की जा सकती है।

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