गांव में रहकर पढ़ा बिहार के शिक्षक का बेटा, दूसरे ही प्रयास में सिविल सेवा में हुआ कामयाब

पटना

अगर आपके अंदर सिविल सेवा को लेकर जुनून है तो जरूरी नहीं कि इसके लिए आपको दिल्ली जाकर महंगी कोचिंग करनी ही पड़े। ऐसे भी उदाहरण हैं, जहां लोगों ने बिना कोचिंग के ही देश की इस सर्वाधिक प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है। ऐसा ही एक उदाहरण हमारे बिहार से भी है। बिहार को तो वैसे भी सिविल सेवा की खदान माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से प्रदर्शन कुछ कमतर जरूर दिखा है। फिर भी हर साल बिहार के कुछ लाल इस अहम सेवा में बाजी जरूर मारते हैं। ऐसे ही एक लाल हैं राहुल मिश्रा।

गांव पर ही रहकर की पढ़ाई

समस्तीपुर के रहने वाले राहुल मिश्रा की सफलता इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने गांव पर ही तैयारी कर इस कठिन परीक्षा को पास कर लिया। राहुल समस्तीपुर के धुरलक गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता शिक्षक थे। राहुल ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से आईआईटी कंप्लीट करने के बाद कुछ दिनों तक नौकरी भी की। लेकिन जिन आंखों में सिविल का सपना हो वो ज्यादा दिन तक आम नौकरी नहीं कर सकती। यही हुआ राहुल के साथ। राहुल ने नौकरी छोड़ अपने गांव में ही रहकर सिविल की तैयारी शुरू कर दी।

पिता ने भी की पूरी मदद

राहुल की तैयारी और उनके सिलेक्शन में पिता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। राहुल ने पिता की ही देखरेख में सिविल की तैयारी की। इंटरनेट पर स्टडी मेटेरियल मिले और पिता के साथ गहन चर्चाओं ने विषय की समझ को साफ किया। राहुल को 2019 में सिविल में 202 रैंक हासिल हुई थी। उनकी इस कामयाबी पर पूरे गांव में जश्न मना था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *