बिहार में अब मैथिली, भोजपुरी, अंगिका व मगही में होगी प्रारंभिक पढ़ाई

पटना : बिहार में नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नई शिक्षा नीति के तहत अब प्रारंभिक शिक्षा बच्चों को क्षेत्रीय भाषा में दी जाएगी। यानी प्रारंभिक शिक्षा की पढ़ाई मैथिली, भोजपुरी, अंगिका और मगही में होगी। सभी सरकारी स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा। इसकी घोषणा बुधवार को विधानसभा के सत्र में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने की। मंत्री ने बताया कि क्षेत्रीय भाषा में बच्चों की प्रारंभिक पढ़ाई होगी तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा। मंत्री ने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति में जीडीपी का 6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करने का प्रावधान है, जिसे बिहार ने हासिल कर लिया है। सरकार के बजट का 20 प्रतिशत शिक्षा पर ही खर्च हो रहा है। इधर, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि यह अगले सत्र से लागू कर दिया जाएगा। संजय ने कहा कि फिलहाल मैथिली, भोजपुरी और मगही का पाठ्यक्रम बनेगा। इन विषयों के शिक्षक बहाल किए जाएंगे।

पंचायतों में 9वीं की पढ़ाई होने लगी
शिक्षा मंत्री ने विधानसभा के सत्र में कहा कि सभी पंचायतों में नौवीं की पढ़ाई शुरू हो गई है। प्रदेश के 8386 पंचायतों में 5082 उच्च माध्यमिक विद्यालय चल रहे हैं। जबकि 3304 पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय उन पंचायतों के मध्य विद्यालय में चलाए जा रहे हैं। 3304 पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय के अपने भवन के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है।

मंत्री बोले- शिक्षकों को नहीं परेशान करें अधिकारी
मंत्री ने यह भी कहा कि कोई भी अधिकारी किसी हालत में शिक्षकों को परेशान नहीं करें। शिक्षक भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कटिबद्ध हों। अधिकारी उन्हें हरसंभव सहायता दें।

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