बिहार से जुड़े हैं इस बिटिया के तार, बन चुकी है इस देश की PM, कहानी है रोचक

अंग्रेज जब भारत के लोगों को मजदूर बनाकर ले गए थे तो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा जिनको वो आज मजदूर बना रहे हैं उनकी आने वाली नस्लें उसी देश पर हुकूमत करेंगी। जी हाँ ऐसा हुआ है। त्रिनिदाद एंड टोबैगो में विपक्ष की नेता कमला बिशेसर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

कौन हैं कमला बिशेसर

जीवन परिचय : कमला प्रसाद बिसेसर

कमला बिशेसर त्रिनिदाद एंड टोबैगो देश की वर्तमान में विपक्ष की नेता हैं। इससे पहले जब उनकी पार्टी यूनाइटेड नेशनल ने 2010 में बहुतत हासिल किया था तब कमला वहाँ की प्रधानमंत्री बनीं थी और 2012 में बतौर प्रधानमंत्री वो बिहार के बक्सर स्थित अपने गांव गईं थी।

kamla persad-bissessar Archives - CARICOM

कमला ने इंग्लैंड से व्यापार प्रबंधन में मास्टर्स की डिग्री ली है। उसके बाद वो त्रिनिदाद एंड टोबैगो में ही सामाजिक कार्यों में लग गईं और वहाँ की पहली महिला अर्टानी जनरल बनी। कमला वहाँ कि सिपरिया सीट से वर्ष 1990 से ही चुनाव जीतती आ रही हैं।

इतिहास

Kamla Persad Bissessar Returns as Leader of Trinidad's Main Opposition  Party - Caribbean News

कमला बिशेसर के परदादा स्व। राम लखन मिश्रा 1889 में अपने परिवार के साथ बतौर गिरमिटिया मजदूर त्रिनिदाद एंड टोबैगो में जाकर बस गए। जब अंग्रेजों की हुकूमत खत्म हुई तो उसके बाद के लोग तेल कुओं के धंधे में थे। बाद में कमला राजनीति में आईं और वहाँ की प्रधानमंत्री बनी। इनके परिवार को ये तो पता था कि उनके पूर्वज किसी भोजपुरी क्षेत्र से आएं हैं। एक स्टीमर के टिकट के आधार पर उनके गांव की खोज शुरू हुई जिससे उनके परदादा ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो का सफर किया था तब जाकर पता चला कि वो बक्सर के भेलुपुर से ताल्लुक रखती हैं।

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