BJP MLA के बेटे की शादी में उमड़ा हुजूम, टूटा कानून : अफ़सर आये, नेता आये, डीजे बजा रातभर

पटना : फारबिसगंज से भारतीय जनता पार्टी के विधायक विद्यासागर केशरी उर्फ मंचन केशरी के बेटे की शादी थी तो प्रशासन, शासन ने सारे नियम सुस्त कर दिये। हज़ारों की भीड़ जमा हुई। अफ़सर आये। नेता आये। डीजे बजा। और कोरोना प्रोटोकॉल को ताक पर रखकर पूरी रात गुलज़ार रही। …. तो अब आप भी समझ लीजिये सुशासन क्या है। बिहार में नेता होना ही सारे नियमों को तोड़ देने का लाइसेन्स देता है। और अगर मामला सत्तापक्ष के नज़दीकियों का हो तो कोई चर्चा भी नहीं होती। त्रिपुरा के अगरतला में एक साधारण शादी को तहस नहस कर देनेवाले डीएम शैलेश यादव के रवैये से खुश लोग भी फारबिसगंज में एमएलए के बेटे की शानोशौकत दिखाती शादी पर चुप हैं। कहीं कोई शोर नहीं है। कोई प्रतीकात्मक विरोध भी नहीं।

फारबिसगंज के विधायक मंचन केशरी के बेटे प्रेम केशरी की शादी में ज़िले के अधिकांश अफ़सरान मौजूद थे। पुलिस के थानेदार से लेकर आला अफसर तक तो सभी प्रशासनिक अफसर भी। लेकिन अब जांच भी वही कर रहे हैं। फारबिसगंज से अनुमंडल अधिकारी ने अफसरों के कारनामे पर पर्दा करने के लिये इस मामले की जांच वहां के एसआई से कराने का आदेश दिया है जो खुद शादी में शामिल थे। अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने जांच आदेश में कहा है कि कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुये इस शादी में हजारों लोग शामिल हो गये। पहले से सोशल मीडिया में इसकी आशंका जाहिर की जा रही थी लेकिन बावजूद इसके इस पर अंकुश लगाने की कार्रवाई नहीं की गई।
कुछ दिन पहले ही वैशाली में पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह के साथ ठुमके लगाते दिखे थे। उपनयन संस्कार के इस कार्यक्रम में भी कोविड प्रोटोकॉल और सरकारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन हुआ था। बिहार की नीतीश सरकार अभी इस विवाद से निपटने में ही लगी थी कि विधायक के बेटे की शादी में हजारों लोगों के शामिल होने का वीडियो वायरल होने लगा। इन सब घटनाओं से एक बात तो साफ हो गई है कि बिहार में जो शासन में हैं, सत्ता से जुड़े हुये हैं उन्हें नियमों की कोई परवाह नहीं और खुलेआम सुशासन की धज्जियां उड़ाई जा रही है। अगर इस तरह के आयोजनों के बाद कोरोना विस्फोट बिहार में न हो तो और कहां होगा।

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