फाइल फोटो

BJP MP का कारनामा- चुनाव प्रचार को स्कॉर्पियो मांगा, फिर बेटे को भेज दी कर्नाटक, अब धमकियों का दौर

Patna : बिहार का नाम खराब करनेवाले नेताओं में एक नया नाम जुड़ गया है। इस बार कारनामा कर दिखाया है भारतीय जनता पार्टी के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने। सरकार और पार्टी खामोश तो है लेकिन इस खामोशी ने भी बहुत शोर मचा दिया है। भाजपा सांसद ने पिछले साल जनता दल यूनाइटेड के ही नेता कामेश्वर सिंह से गाड़ी ली थी। लेकिन जब कुछ दिन बाद वापस मांगी तो मिली नहीं। फिर कामेश्वर सिंह ने कार चोरी की एफआईआर भी करा दी। अब कर्नाटक से स्कॅर्पियो बरामद होने के बाद इस पूरे प्रकरण में नये सिरे से हंगामा शुरू हो गया है, क्योंकि कामेश्वर के आरोप सही साबित हो रहे हैं। इस गाड़ी की किस्त कामेश्वर के बेटे के अकाउंट से कट रहा था और गाड़ी कर्नाटक में थी।

अब इस मामले में जदयू राज्य सलाहकार परिषद सदस्य कामेश्वर सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष को भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के कारनामे बताये हैं। उन्होंने उनसे सिग्रीवाल को संसद की पेट्रोलियम समिति से हटाने का आग्रह किया है। 3 पन्नों के पत्र में लिखा है- सिग्रीवाल ने मुझसे निर्वाचन क्षेत्र में घूमने के लिये एक स्कॉर्पियो ली थी। मैंने किस्त पर खरीद कर दी। वापस लौटने को कहा तो वे मेरे खिलाफ हो गये। मेरे पेट्रोल पंप पर तीन छापे मारे गये। उससे मेरी और मेरे इकलौते बेटे की जान को खतरा है।
कामेश्वर ने लिखा है- सिग्रीवाल के लिये यह स्कॉर्पियो को 17 अगस्त, 2020 को खरीदा था। मेरा उनसे काफी करीबी रिश्ता रहा है। उन्होंने मुझसे चुनाव में प्रचार करने के लिये कार मांगी थी। मैंने अपने बेटे के नाम पर कार खरीदी। चुनाव के बाद, मैंने उनसे कार वापस मांगना शुरू कर दिया। वे वापस करने की नई तारीखें बताते रहे।
मैंने उससे कई लोगों के जरिये अपनी स्कॉर्पियो वापस करने की बात उन तक पहुंचाई। हम हर महीने कार की किस्त देते रहे। अंत में पता चला कि कार निकल गई है। इसकी वापसी की मेरी मांग जारी रही। इसी बीच 29 दिसंबर 2020, 8 फरवरी 2021 और 14 फरवरी 2021 को सारण जिले में स्थित मेरे पेट्रोल पंप पर छापेमारी की गई। यह जनार्दन सिग्रीवाल के प्रतिशोध का परिणाम प्रतीत होता है। जबकि मेरा धंधा बहुत साफ-सुथरा रहा है। इस दौरान जिले के किसी पेट्रोल पंप पर छापा नहीं मारा गया।
कामेश्वर ने लिखा है- 18 अगस्त को मेरे बेटे के मोबाइल पर स्कॉर्पियो की सर्विसिंग या मरम्मत के संबंध में एक संदेश आया था। मैसेज के मुताबिक गाड़ी यशवंतपुरम (बेंगलुरु) में थी। हमने पुलिस से शिकायत की। पुलिस कार लेकर आई। पुलिस जांच में पता चला कि डॉ. सचिन कुंद्रा वाहन बनवाने आये थे। वह जनार्दन सिग्रीवाल के दूसरे बेटे राज सिग्रीवाल के दोस्त हैं। कुंद्रा ने पुलिस को बताया कि राज ने उसे कार बनवाने के लिये भेजा था। … मैं अपने जीवन और संपत्ति को लेकर बहुत आशंकित हूं। सांसद बहुत प्रभावशाली हैं। वे मुझे या मेरे इकलौते बेटे को कभी भी मार सकते हैं।
इस बीच जब सांसद सिग्रीवाल से उनके बेटे पर लगे आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा बैंगलोर में नहीं बल्कि मैसूर में मेडिसिन की पढ़ाई करता है। यह सच है कि पिछले साल 17 अगस्त को चुनाव प्रचार के दौरान कामेश्वर सिंह ने वाहन दिया था और अब साजिश के तहत बेबुनियाद आरोप लगाये जा रहे हैं।
बताते चलें कि सारण जिले के जदयू नेता कामेश्वर सिंह के घर से चोरी हुई स्कॉर्पियो को पुलिस ने कर्नाटक की एक एजेंसी से बरामद कर लिया है। महराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के बेटे पर इस वाहन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है, जिसे सांसद ने सिरे से खारिज कर दिया है। जबकि सारण के एसपी संतोष कुमार ने कर्नाटक से वाहन बरामद होने की पुष्टि की है, लेकिन सांसद के बेटे पर लगे आरोपों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही सही जानकारी दी जायेगी।
पुलिस ने जैसे ही कार बरामद कर मामले का पर्दाफाश किया, सियासी गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। विधानसभा चुनाव लड़ चुके जदयू नेता कामेश्वर सिंह ने पिछले महीने 22 अगस्त को सारण जिले के मशरख थाने में वाहन चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

जांच शुरू हुई तो पता चला कि इस वाहन पर भाजपा सांसद का बेटा सवार था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी यह भी पता चला कि यह गाड़ी बिहार में नहीं बल्कि कर्नाटक में ही थी। पुलिस ने लोकेशन की तलाशी ली तो पता चला कि बेंगलुरु के जयनगर थाना क्षेत्र के राजाजी नगर में एक चोरी की स्कॉर्पियो है। यह गाड़ी जदयू नेता कामेश्वर सिंह के बेटे संजय सिंह के नाम है। वाहन के कर्नाटक में होने की सूचना मिली तो संजय खुद भी मशरख पुलिस के साथ वाहन लेने गये थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *