ब्रॉन्ज जीतकर देश का मान बढ़ाया। Image Source : tweeted by by @himantabiswa

बॉक्सर लवलीना बोर्गोहेन ने कांस्य पदक जीत लिया है, देश के नाम तीन मेडल, तीनों बेटियों के नाम

New Delhi : बॉक्सर लवलीना बोर्गोहेन ने 69 किग्रा वर्ग में विश्व की नंबर एक तुर्की की बुसेनाज़ सुरमेनेली के सेमीफाइनल मुकाबले में 0-5 से हारने के बाद कांस्य पदक हासिल कर लिया है। भारत के नीरज चोपड़ा ने पुरुषों की भाला फेंक के फाइनल के लिये क्वालीफाई किया है। वे 86.65 मीटर के थ्रो के साथ योग्यता तालिका में शीर्ष पर रहे। इसके अलावा पहलवान रवि कुमार दहिया ने 57 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, जबकि दीपक पुनिया ने भी 86 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। वर्तमान भारत की महिला हॉकी टीम उस स्थान तक पहुंचना चाहेगी जहां महिला स्पर्धा में कोई अन्य टीम नहीं है- फाइनल। रानी रामपाल की अगुवाई वाली टीम टोक्यो 2020 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के साथ भिड़ेगी।

 

प्रधानमंत्री ने उनको बधाई देते हुये ट‍्वीट किया- अच्छी तरह से लड़ा @LovlinaBorgohai! बॉक्सिंग रिंग में आपकी सफलता कई भारतीयों को प्रेरित करती रहेगी। आपकी दृढ़ता और दृढ़ संकल्प सराहनीय है। कांस्य पदक जीतने पर आपको बधाई। आपके भविष्य के प्रयासों के लिये शुभकामनाएं।
भारत के पास अब एक रजत के साथ दो कांस्य पदक हैं। मीराबाई चानू (भारोत्तोलन) – रजत, पीवी सिंधु (बैडमिंटन) – कांस्य, लवलीना बोर्गोहैन (मुक्केबाजी) – कांस्य। और इस तरह बॉक्सिंग में भारत की चुनौती लवलीना बोरगोहेन के कांस्य पदक के साथ समाप्त हो गई है। अन्य भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन को संतोषजनक नहीं कहा जा सकता। लेकिन बोर्गोहेन अविश्वसनीय रूप से सामने आईं। उनके प्रदर्शन पर पूरा देश गर्व कर रहा है। ओलंपिक पदार्पण पर कांस्य एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।

 

उनकी इस जीत से भारत में ‘एक सितारे का जन्म हुआ’ है। उन्होंने 2012 में बॉक्सिंग शुरू की थी। 2018 और 2019 AIBA महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने वाली असम की पहली महिला बनीं। यह कांस्य पदक कई लोगों के लिये प्रेरणा बनेगा। (Input : www.livebavaal.com)

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