बुलेट ट्रेन।

PM मोदी का सपना होगा साकार, भारत में बहुत जल्द चलेगी बुलेट ट्रेन, जापान से होगी डील

भारत को जल्द मिलेगी बुलेट ट्रेन, होली से पहले जापान से फाइनल हो सकती है डील : भारत का रेलवे सिस्टम लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है. ऐसे में वो दिन दूर नहीं जब देश में बुलेट ट्रेन पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी. होली से पहले जापान से बुलेट ट्रेन की खरीद के सौदे पर मुहर लगने की उम्मीद है. ऐसे में आइए जानते हैं अगर डील फाइनल हो गई तो कब देश में बुलेट ट्रेनों का संचालन शुरू होगा.

जिस स्पीड से भारत में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है. वो दिन दूर नहीं जब भारत में जल्द ही आपको बुलेट ट्रेन पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी. होली से पहले भारत जापान से पहली छह E5 सीरीज शिंकानसेन ट्रेनों (बुलेट ट्रेन) खरीद के सौदे को पूरा कर सकता है. डील फाइनल होने के बाद जून-जुलाई 2026 में गुजरात में पहली ट्रेन का परिचालन शुरू हो सकता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) इस साल 15 अगस्त तक ट्रेनों की खरीद, ऑपरेटिंग सिस्टम सहित सभी अनुबंधों के लिए बोली लगाएगी. जिससे जल्द ही देश में बुलेट ट्रेनों का परिचालन किया जा सके.

अहमदाबाद और मुंबई के बीच 508 किलोमीटर लंबे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में ‘सीमित स्टॉप’ और ‘ऑल स्टॉप’ सेवाएं होंगी. यहां सीमित स्टॉप वाली ट्रेनें मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी केवल दो घंटे में तय करेंगी. वहीं दूसरी सेवा में लगभग 2 घंटे और 45 मिनट लगेंगे. अधिकारियों ने कहा कि जनवरी तक परियोजना की कुल फिजिकल प्रोग्रेस लगभग 40% है. इसमें से गुजरात में प्रगति अधिक (48.3%) है. वहीं, महाराष्ट्र में उपलब्धि लगभग 22.5% है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में परियोजना में 100 किमी से अधिक वायाडक्ट (ऊंचा विस्तार) पूरा हो चुका है. पिछले एक साल में छह नदी पुल पूरे हो चुके हैं. गुजरात में 20 पुलों में से सात पूरे हो चुके हैं.

 

रेलवे मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि हाल के महीनों में महाराष्ट्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. राज्य प्रशासन ने सभी जिला कलेक्टरों को इस महीने के अंत तक जमीन सौंपने का काम पूरा करने का निर्देश दिया है. परियोजना को वैधानिक अनुमति प्राप्त हुई. एक सूत्र ने कहा कि हम यह देखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि पिछली महाराष्ट्र सरकार के कारण हमने जो समय गंवाया है उसकी भरपाई के लिए हम भौतिक प्रगति को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं.

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