प्रेस कान्फ्रेन्स करते चिराग पासवान। Image Source : Agencies

चिराग बरसे- पारस को मंत्री बनाया तो अदालत जाऊंगा, मैं अध्यक्ष हूं, लोजपा मेरी है

New Delhi : लोक जनशक्ति पार्टी और रामविलास पासवान के उत्तराधिकारी चिराग पासवान ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लेते हुये कहा कि अगर पशुपति पारस को लोक जनशक्ति पार्टी के कोटे से मंत्री बनाया जाता है तो वे चुप नहीं बैठेंगे। वे कोर्ट जायेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तरह का फैसला नहीं लेंगे। उन्होंने कहा- किसी को भी अपने मंत्रिमंडल में शामिल करना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। लेकिन न तो मेरे चाचा पशुपति कुमार पारस और न ही अन्य सांसद अब मेरे पिता द्वारा स्थापित लोक जनशक्ति पार्टी से जुड़े नहीं हैं। उन्हें लोजपा कोटे से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाना चाहिये। अगर मेरे चाचा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में लोजपा कोटे से या लोजपा सदस्य के रूप में शामिल किया जाता है, तो हम अदालत जायेंगे। अगर पशुपति पारस को मंत्री बनाना ही है तो जदयू कोटे से बनायें, लोजपा से नहीं।

जमुई के सांसद ने जोर देकर कहा कि वह लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष हैं और गठबंधन मानदंडों के तहत आवश्यक रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल में पार्टी के किसी सदस्य को शामिल करने के लिये उनसे सलाह लेनी चाहिये थी जो नहीं ली गई। उन्होंने कहा- अगर उनमें से कोई भी पार्टी के कोटे से कैबिनेट में शामिल हो जाता है, तो मुझे निश्चित रूप से इस पर आपत्ति होगी और कानूनी सहारा लेना पड़ सकता है। अगर किसी को निर्दलीय या किसी अन्य पार्टी से मंत्री बनाया जाता है, तो मुझे कोई समस्या नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह से पार्टी का विशेषाधिकार है। लेकिन जहां तक ​​लोजपा का सवाल है, पार्टी का संविधान मुझे अध्यक्ष बनने की इजाजत देता है और मामला चुनाव आयोग और लोकसभा अध्यक्ष के सामने लंबित है।
यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हाजीपुर से लोजपा सांसद पशुपति कुमार पारस जिन्हें लोकसभा में पार्टी के नेता के रूप में मान्यता दे दी गई है को केंद्रीय कैबिनेट के विस्तार में जगह दिया जा सकता है। चिराग ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि उन्होंने पार्टी के संविधान के अनुसार बागी सांसदों को निलंबित कर दिया है और वे पार्टी कोटे से कैबिनेट बर्थ के लिये योग्य नहीं हैं। मैंने इस संबंध में पहले ही पीएम नरेंद्र मोदी के साथ-साथ चुनाव आयोग को भी लिखा है। एक आम बात यह है कि पार्टी के अध्यक्ष से सलाह ली जाती है कि पार्टी के किस व्यक्ति को कैबिनेट में शामिल किया जाना है।
चिराग ने यह भी कहा कि उनके चाचा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर लोजपा में फूट डाला है। उन्होंने कहा- यह विडंबना है कि नीतीश कुमार ने हमेशा मेरे पिता का अपमान करने की कोशिश की, लेकिन मेरे चाचा ने परिवार और पार्टी की कीमत पर भी उनकी गोद में बैठना चुना। चिराग ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार न केवल लोजपा को विभाजित करने के प्रयासों में जुटे हैं, बल्कि सामाजिक रूप से पिछड़े समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले दलितों के बीच भी दरार पैदा कर रहे हैं।

 

चिराग ने कहा- मैं मंत्री बनने के लिये उत्सुक नहीं हूं, क्योंकि मेरा पहला उद्देश्य बिहार में पार्टी को एक व्यावहारिक विकल्प की तरह खड़ा करना है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *