मोदी का स्नेह क्या मिला, चिराग तो भावुक ही हो गए, ओवैसी ने मजा भी ले लिया

पटना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिहार विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रचार का बिगुल फूंक दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को बिहार में कई रैलियां हुईं, जिनमें उन्होंने न केवल राष्ट्रीय जनता दल पर, बल्कि कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला। यही नहीं, जनता से उन्होंने अपील भी कर दी कि विकास की रफ्तार को कायम रखने के लिए दोबारा वे एनडीए की सरकार बनाएं।

मोदी ने इन्हें अर्पित की श्रद्धांजलि

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब सासाराम में अपनी पहली रैली को संबोधित कर रहे थे तो इस दौरान उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और दिवंगत नेता रामविलास पासवान को भी याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बता दे कि रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान एनडीए से अलग हो गए हैं और वे अलग चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने चिराग पासवान का अपने भाषण में कहीं भी नाम नहीं लिया।

ऊपर से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपने पिता रामविलास पासवान को लेकर व्यक्त किए गए स्नेह पर उन्होंने ट्वीट करके उनका धन्यवाद किया है। इसके बाद तो बिहार की राजनीति में यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर चिराग पासवान को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के कुछ भी नहीं बोलने के पीछे क्या छिपा हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा

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दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बिहार के दो दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी। एक तो उन्होंने राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गरीबों के उत्थान के लिए उन्होंने निरंतर काम किया था। वे हमारे बीच में नहीं हैं। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

यही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में बताया कि हाल ही में बिहार ने जिन दो सपूतों को खोया है, उनमें से एक मेरे बेहद करीबी मित्र और हमेशा गरीबों एवं दलितों के लिए अपना जीवन समर्पित कर देने वाले रामविलास पासवान भी हैं। रामविलास पासवान आखिरी वक्त तक मेरे साथ रहे थे। उन्हें अपनी ओर से मैं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

चिराग पासवान का ट्वीट

प्रधानमंत्री के सासाराम की रैली में अपने पिता को श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद चिराग पासवान ने उनका आभार जताया। उन्होंने लिखा कि आदरणीय नरेंद्र मोदी जी आए और उन्होंने मेरे पिता को एक सच्चा साथी बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका यह कहना कि आखरी सांस तक पापा उनके साथ थे, मुझे भावुक कर गया है। प्रधानमंत्री जी का यह स्नेह और सम्मान पिता के प्रति देखकर एक बेटे के तौर पर मेरा भावुक होना स्वाभाविक है।

उठ रहा यह सवाल

चिराग पासवान द्वारा यह ट्वीट किए जाने के बाद अब यह सवाल और ज्यादा उठने लगा है कि आखिर बिहार की राजनीति में इस वक्त भाजपा और लोजपा के बीच आखिर चल क्या रहा है। गौरतलब है कि नीतीश कुमार पर चिराग पासवान लगातार हमला बोल रहे हैं। उन्होंने तो यहां तक कह दिया है कि यदि लोजपा की सरकार बिहार में बनती है तो नीतीश कुमार के खिलाफ भी जांच करवाने से वे नहीं चूकेंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भाजपा और लोजपा के बीच कौन-सी खिचड़ी पक रही है।

ओवैसी ने कहा

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हालांकि, इसे लेकर एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का बयान जरूर आया है। उन्होंने कहा है कि एलजेपी का जिक्र अपने भाषण में न करके प्रधानमंत्री मोदी ने दिखा दिया है कि वे एक साथ दो घोड़े की सवारी कर रहे हैं। किसी भी तरीके से वे बिहार में अपनी सरकार बनाना चाहते हैं। चुनावी घोषणा पत्र में जो 19 लाख नौकरियों का वादा भाजपा ने किया है, इससे यह भी साफ हो रहा है कि वह नीतीश कुमार को रिटायर करना चाहती है और चुनाव के बाद बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस की रणनीति भी इसे करार दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी की शुक्रवार को हुई रैली के बाद अब इस बात की संभावना को और बल मिलने लगा है कि क्या बिहार चुनाव में भाजपा सच में दो नावों पर सवार होकर चल रही है? इसका जवाब तो भविष्य के गर्भ में ही छिपा हुआ है।

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