पशुपति पारस गुट से निपटने के लिये राष्ट्रीय कार्यकारिणी की वर्चुअल मीटिंग करते चिराग पासवान। Image Source : Twitter

पारस को होली में लिखी थी चिराग ने चिट‍्ठी – आपने पग-पग छला, पापा आहत भी थे, मर्माहत भी

New Delhi : होली में चिराग पासवान ने अपने चाचा पारस को चिट‍्ठी लिखी थी। उन्होंने एक इमोशनल नोट के साथ इस लेटर को ट‍्वीट किया। उन्होंने इस चिट‍्ठी में लिखा और बताया है कि कैसे चिराग पासवान के अध्यक्ष बनाने के बाद से ही पारस बगावती तेवर दिखाने लगे थे। जिस दिन चिराग को अध्यक्ष बनाया गया उस दिन भी महज पांच मिनट के लिये पारस आये, उनके नाम का प्रस्ताव किया और उसके बाद चलते बनें। इससे रामविलास पासवान काफी आहत थे। पारस लगातार रामविलास पासवान की अवहेलना करने लगे थे। पार्टी लाइन के वपरीत जाकर पशुपति पारस बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते रहे। चिट‍्ठी में चिराग ने लिखा है आपने बार-बार पार्टी लाइन क्रॉस की। पापा को हर बार आपका रवैये नागवार गुजरा। जब वे इस दुनिया से चले गये, उस समय हमें उम्मीद थी आपसे और चाची से कि आप आयेंगे। पर आपलोग नहीं आये।

चिराग पासवान ने इस चिट‍्ठी को पोस्ट करते हुये एक इमोशनल नोट लिखा- पापा की बनाई इस पार्टी और अपने परिवार को साथ रखने के लिये मैंने प्रयास किया लेकिन असफल रहा। पार्टी माँ के समान है और माँ के साथ धोखा नहीं करना चाहिये। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों को मैं धन्यवाद देता हूँ। एक पुराना पत्र साझा करता हूँ। इस पत्र में पशुपति पारस के पार्टी विरोधी गतिविधियों की पोल खोल कर रख दी है। इसके अलावा इसमें उन्होंने अपने भाई प्रिंस को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिस पर किसी लड़की ने शारीरिक शोषण के आरोप लगाये थे। चिट‍्ठी में कहा गया है कि इन सारे मामलों में आपका व्यवहार पार्टी विरोधी और परिवार विरोधी रहा है।
बहरहाल दो दिनों की आंतरिक उठापटक के बाद लोक जनशक्ति पार्टी में घिन्नप्पन शुरू हो गया है। लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय दल के नये नेता और पार्टी के चच्चा पशुपति पारस ने अपने भतीजे और अध्यक्ष चिराग पार्टी को अध्यक्ष पद से हटा दिया। उनके इस निर्णय के थोड़ी देर बाद ही चिराग ने अपनी पार्टी से सभी सांसदों को निकालने का फरमान जारी कर दिया। उनके फरमान जारी करते ही बयानों के तीर चलने लगे। पशुपति पारस ने चिराग को हटाने के साथ ही पार्टी की बागडोर पुराने दौर के बाहुबली सूरजभान के हाथ में दे दी। सूरजभान के छोटे भाई चंदन भी सांसद हैं और बागी गुट के सक्रिय सदस्य हैं। सूरजभान को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पशुपति पारस ने पार्टी में बाहुबल के इस्तेमाल की खुली छूट भी दे दी है और इसका पूरा कार्यभार सूरजभान एंड कंपनी के हाथ है। ऐसे में कोई संशय नहीं कि पार्टी के लिये बाहुबल का इस्तेमाल भी शुरू हो जाये।
फिलहाल पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गये सूरज भान को राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराने की जवाबदेही सौंपी गई है। ऐसे में पूरी संभावना है कि बगावत का नेतृत्व कर रहे पशुपति कुमार पारस को आने वाले दिनों में लोजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया जाये। दूसरी तरफ लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने चिराग पासवान गुट का फैसला सुनाते हुये बताया- पार्टी ने सभी पांच बागी सांसदों की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और सभी 5 सांसदों को पार्टी से हटाने का निर्णय लिया गया।
पासवान जूनियर ने सोमवार को खुद को कीचड़ में पाया जब लोकसभा में लोकसभा में छह में से पांच सांसदों ने उनके खिलाफ हाथ मिला लिया और पशुपति कुमार पारस को अपना नेता चुन लिया।

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