पटना एयरपोर्ट पर चिराग पासवान का स्वागत करने के लिये पहुंचे समर्थक। Image Source : Vishal Kumar/ Live Bihar

चिराग की बिहार में धमाकेदार इंट्री, एयरपोर्ट पर पूरे प्रदेश से उमड़ी भीड़, हाजीपुर तक रेलमपेल

Patna : रामविलास पासवान की जयंती पर उनके उत्तराधिकारी चिराग पासवान ने बिहार में धमाकेदार इंट्री की। वे बारह बजे पटना एयरपोर्ट पर जब पहुंचे तो पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में उनके समर्थक एयरपोर्ट पर थे। लोगों ने खूब जयकारे लगाये। वे अपने समर्थकों के काफिले के साथ और पूरा हुजूम लेकर हाजीपुर के लिये रवाना हो गये। उनके समर्थकों ने फूल मालाओं से उन्हें लाद दिया। समर्थकों में गजब का जोश था। इससे पहले चिराग पासवान ने नई दिल्ली में अपने आवास पर रामविलास पासवान पर लिखी गई एक बुक “पासवान” का विमोचन किया। इसके अलावा उन्होंने घर पर ही परिजनों और समर्थकों से के साथ रामविलास पासवान की तस्वीर पर श्रद‍्धा सुमन अर्पित कर जयंती मनाई। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुये केक काटते हुये एक पुरानी फोटो को पोस्ट कर लिखा- I Love You PAPA ji.

 

चिराग ने मीडिया से कहा कि मैं शेर का बेटा हूं, कभी नहीं डरूंगा, लोग हमें तोड़ने की कितनी भी कोशिश कर लें। इस दौरान अपने पिता को याद करते हुये चिराग भावुक हो गये। चिराग पासवान ने आगे कहा कि बिहार के लोग ही मेरी ताकत हैं, आज मैं और मेरी मां अकेले हैं। काश हमारे चाचा साथ खड़े होते, लेकिन वो नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक परिवार ने हमें धोखा दे दिया, लेकिन दूसरा परिवार हमारे साथ है। हम आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं, जो पूरे बिहार को कवर करेगी ये सिर्फ लोगों का आशीर्वाद लेने के लिये है, ना कि ताकत दिखाने के लिये।
दलित नेता और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुये प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक सेवा और दलितों को सशक्त बनाने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जायेगा। मोदी सरकार में मंत्री रहे पासवान का पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था। वह सबसे अनुभवी सांसदों में से थे और उन्होंने समाजवादी समूहों से लेकर कांग्रेस और भाजपा तक विभिन्न दलों के नेतृत्व वाली सरकारों में मंत्री के रूप में कार्य किया था। एक ट्वीट में मोदी ने कहा- आज मेरे मित्र स्वर्गीय रामविलास पासवान जी की जयंती है। मुझे उनकी बहुत याद आती है। वह भारत के सबसे अनुभवी सांसदों और प्रशासकों में से एक थे। सार्वजनिक सेवा और दलितों को सशक्त बनाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जायेगा।

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