जदयू द्वारा फेसबुक पर पोस्ट की गई नीतीश कुमार की तस्वीर। प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हुये। तस्वीर का उपयोग सांकेतिक है।

CM नीतीश बोले- सबको टीका, मुफ्त राशन से कोरोना की जंग जीतने में मदद मिलेगी, थैंक्स PM MODI

Patna : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबको टीका देने की घोषणा का स्वागत किया है। नीतीश कुमार ने ट‍्वीट कर प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया है। नीतीश कुमार ने टृवीट किया- पूर्व से केन्द्र सरकार द्वारा 45 वर्ष से उपर के लोगों के टीकाकरण हेतु मुफ्त टीका राज्यों को दिया जा रहा है। अब मा0 प्रधानमंत्री द्वारा 18 वर्ष से अधिक एवं 45 वर्ष से कम आयुवर्ग के सभी लोगों के टीकाकरण हेतु राज्य सरकारों को मुफ्त टीका उपलब्ध कराने एवं पिछले साल की तरह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को दीवाली तक बढा़कर सभी राशन कार्डधारियों को मुफ्त राशन देने का फैसला उपयोगी एवं सराहनीय है। इसके लिए मा0 प्रधानमंत्री को धन्यवाद। यह कोरोना से जंग जीतने में मददगार होगा।

इधर आप के नेता संजय सिंह ने ट‍्वीट किया- जब सुप्रीम कोर्ट से फटकार लगी 35 हज़ार करोड़ का हिसाब माँगा तो मजबूरी में प्रधानमंत्री जी ने फ़्री वैक्सीन देने का वादा किया। अब सवाल ये है कि वैक्सीन के नाम पर जो अरबों रु जनता से वसूले गये वो घोटाला था या नही?
आज सोमवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि केंद्र राज्य सरकारों से टीकाकरण का काम संभालेगा। इस महीने के अंत से सभी वयस्कों को मुफ्त में कोविड -19 टीके उपलब्ध करायेगा। पीएम मोदी ने टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा- यह तय किया गया है कि 21 जून से 18 साल से अधिक उम्र के सभी वयस्कों को मुफ्त में टीका लगाया जायेगा। केंद्र कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत निर्माताओं से खरीदेगा। राज्यों के कोटे के 25 प्रतिशत की जिम्मेदारी भी वहन करेगा और इसे राज्य सरकारों को मुफ्त में देगा। पीएम मोदी ने कहा- यह व्यवस्था आने वाले दो हफ्तों में लागू कर दी जायेगी। इन दो हफ्तों में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइंस के मुताबिक जरूरी तैयारियां करेंगी।
पीएम मोदी बोले- राज्य सरकारों को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। देश के करोड़ों लोगों को अब तक मुफ्त टीका मिल चुका है और अब 18 साल की उम्र के लोग भी इसमें शामिल होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि निजी अस्पताल 25 प्रतिशत टीकों की खरीद जारी रख सकते हैं, लेकिन उनका शुल्क ₹150 प्रति खुराक होगा। पिछले दो महीनों में घातक दूसरी लहर के बाद कोरोनोवायरस बीमारी के मामलों में पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन घट रहा है और कई राज्यों ने सख्त प्रतिबंधों में ढील दी है।
उन्होंने कहा- यह पिछले सौ वर्षों में सबसे बड़ी महामारी है और आधुनिक दुनिया ने इस तरह की महामारी न तो देखी और न ही अनुभव की। हमारे देश ने इतनी बड़ी वैश्विक महामारी के दौरान कई मोर्चों पर एक साथ लड़ाई लड़ी है – वेंटिलेटर बनाने से लेकर प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क तैयार करने तक – महामारी के दौरान एक नया चिकित्सा बुनियादी ढांचा बनाने के लिए जो पिछली सदी में सबसे खराब रहा है।
पीएम मोदी ने कहा- भारत ने हर आशंका को दरकिनार करते हुये एक साल के भीतर एक नहीं बल्कि दो मेड-इन-इंडिया टीके लॉन्च किये। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों का हर संभव तरीके से समर्थन किया। हमारे देश और वैज्ञानिकों ने दिखाया है कि भारत बड़े देशों से पीछे नहीं है। आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो देश में वैक्सीन की 23 करोड़ से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं। अगर आप पिछले ५०-६० वर्षों के इतिहास को देखें, तो आपको पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे।

मोदी बोले- आज पूरी दुनिया में टीकों की मांग की तुलना में, इसे बनाने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं। कल्पना कीजिये कि अगर हमारे पास अभी भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती, तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता? पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम अंतिम संबोधन 20 अप्रैल को था, जब देश भर में कोरोनावायरस बीमारी के मामले बढ़ रहे थे।

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