साइकिल गर्ल ज्योति के पिता का देहांत, सब्र टूटा तो बोली- मदद करिये PM मोदी

Patna : पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन लगाया तो देशभर में अप्रवासी मजदूरों की घर वापसी अंतरराष्ट्रीय खबर बन गई। इसी दौड़भाग में लोगों के सामने आई एक स्टोरी ज्योति कुमारी की। लॉकडाउन में गुरुग्राम से पिता को साइकिल पर बैठाकर 1200 किमी की दूरी तय कर बिहार के दरभंगा पहुंच गई। पिता बीमार थे तो वो साइकिल पर पूरे रास्ते उनको बिठाकर ले गई। उनकी खबर सामने आने पर अमेरिका के तत्कालीन प्रेसीडेंट की बेटी इवांका ट्रंप ने भी उनकी बहादुरी को सलाम किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने ट्वीट कर ज्योति की तारीफ की है। इवांका ने ट्वीट कर कहा कि 15 साल की ज्योति कुमारी अपने जख्मी पिता को साइकिल से सात दिनों में 1,200 किमी दूरी तय करके अपने गांव ले गई।

पिता की मौत के बाद रोती बिलखती ज्योति कुमारी, अब उनके कंधे पर आ गई घर चलाने की जिम्मेदारी।

 

इवांका ने आगे लिखा कि सहनशक्ति और प्यार की इस वीरगाथा ने भारतीय लोगों और साइकलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। केंद्र सरकार के कई मंत्रियों, राज्य सरकार के अफसर मंत्रियों ने उनको तमाम तरह की मदद करने की घोषणा की थी। लेकिन आज उसी ज्योति कुमारी के पिता की मौत हो गई और वो आर्थिक अभाव में ठीक से इलाज भी नहीं करा सके। यही नहीं आज भी एक साल बाद ज्योति के जीवन में कोई परिवर्तन नहीं आया है। नेताओं की घोषणाएं बस घोषणा निकली। अब ज्योति ने प्रधानमंत्री से मदद की अपील की है। प्रधानमंत्री ने भी उनकी तारीफ की थी। मगर उनकी आर्थिक स्थिति आज भी जस की तस है।
बता दें कि चूंकि ज्योति के पिता मोहन पासवान कुछ महीने पहले हादसे में जख्मी हो गए थे, इसलिए वो अपने दम पर घर पहुंचने में असमर्थ थे। लॉकडाउन में पिता के फंसे होने से बेटी ज्योति परेशान हो गई और एक दिन साइकिल उठाकर चल पड़ी पिता के साथ। ज्योति ने बताया कि उसने पापा को साइकिल पर बिठाकर 10 मई 2020 को गुरुग्राम से चलना शुरू किया और 16 मई की शाम घर पहुंच गई। ज्योति के पिता गुरुग्राम में रहकर ऑटो चलाते थे। इसी वर्ष 25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ज्योति कुमारी से वर्चुअल संवाद के जरिये बात की थी। साइकिल गर्ल ज्योति इस बार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 से भी नवाजी जाएंगी।

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