प्रतीकात्मक तस्वीर। Image source : twitter

दीपावली का तोहफा- राज्य कैबिनेट ने दरभंगा में 200 एकड़ जमीन एम्स निर्माण के लिये आवंटित की

Patna : दरभंगा एम्स के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने इसके निर्माण के लिये 200 एकड़ जमीन की स्वीकृति दे दी है। कैबिनेट मिनिस्टर संजय झा ने अपनी खुशी साझा करते हुये ट‍्वीट किया – मिथिलावासियों को दीपावली का तोहफा ! आज राज्य मंत्रिमंडल ने #दरभंगा में एम्स के निर्माण के लिए 200.02 एकड़ भूमि केंद्र सरकार को आवंटित करने की स्वीकृति दे दी है।
उन्होंने ट‍्वीट किया- एक बड़ा सपना अब जल्द धरातल पर उतरेगा। दरभंगा में एम्स बनने पर मिथिलावासियों के साथ-साथ आसपास के जिलों/राज्यों और नेपाल के लोगों को विशिष्ट इलाज यहीं मिल जायेगा। उन्हें दिल्ली या दूसरे शहरों में नहीं जाना होगा। इससे गरीब परिवारों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी। #AIIMS के लिए दरभंगा प्रखंड में 174.86 एकड़ और बहादुरपुर प्रखंड में 25.16 एकड़ भूमि आवंटित होगी।

बिहार को दूसरे एम्स की सौगात देने के लिए मा. पीएम श्री @narendramodi जी, जबकि इसके लिए #दरभंगा को चुनने के लिए मा. सीएम श्री @NitishKumar जी का मिथिलावासियों की ओर से पुन: आभार व अभिनंदन। हमें विश्वास है, #AIIMS का निर्माण मिथिला के विकास को और रफ्तार देगा।
बता दें कि यह संस्थान प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत कुल 1,264 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इसमें 100 स्नातक (एमबीबीएस) सीटें, 60 बी.एससी. (नर्सिंग) सीटें और इसमें 15-20 सुपर स्पेशियलिटी विभाग और 750 अस्पताल के बिस्तर होंगे।
पहले से ही कार्यरत एम्स के आंकड़ों के अनुसार, यह उम्मीद की जाती है कि प्रत्येक नए एम्स में प्रति दिन लगभग 2,000 ओपीडी रोगियों और प्रति माह लगभग 1,000 आईपीडी रोगियों को देखा जायेगा। इस एम्स में पीजी और डीएम/एम.सीएच सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम भी जल्द ही शुरू किये जायेंगे।
नये एम्स की स्थापना में व्यापक रूप से एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर अस्पताल का निर्माण, चिकित्सा और नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिये शिक्षण खंड, आवासीय परिसर और संबद्ध सुविधाएं/सेवाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल, चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग शिक्षा और अनुसंधान प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में नए एम्स की स्थापना करना है।
750 बिस्तरों में आपातकालीन और ट्रॉमा बेड, आईसीयू बेड, आयुष बेड, निजी बेड और स्पेशलिटी और सुपर स्पेशियलिटी बेड शामिल होंगे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज, आयुष ब्लॉक, सभागार, रैन बसेरा, गेस्ट हाउस, छात्रावास और आवासीय सुविधाएं होंगी।

नये एम्स के संचालन और रखरखाव का खर्च भी पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है। एम्स की स्थापना न केवल स्वास्थ्य शिक्षा और प्रशिक्षण को बदल देगी बल्कि क्षेत्र में स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की कमी को भी दूर करेगी। राज्य में नए एम्स की स्थापना से विभिन्न संकाय और गैर-संकाय पदों पर लगभग 3,000 लोगों के लिए रोजगार सृजन होगा।

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