एलपीजी सिलेंडर की प्रतीकात्मक तस्वीर। Image Source : Agencies

घरेलू गैस की कीमतों में 25.50 रुपये की बढ़ोतरी, बिहार में सबसे ज्यादा 936 रुपये में एलपीजी सिलेंडर

New Delhi : तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने आज से एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बढ़ा दी हैं। आज से सब्सिडी वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 25.50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत अब 834.50 रुपये होगी। एएनआई के हालिया ट्वीट के मुताबिक, दिल्ली में 19 किलो के सिलेंडर की कीमत भी 76 रुपये बढ़कर 1,550 रुपये हो गई है। बिहार में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 936 रुपये तक पहुंच गई है। बिहार में दूसरे शहरों के मुकाबले कीमतें सबसे ज्यादा हैं। झारखंड की राजधानी रांची में अब यह 891 रुपये में मिला करेगा। तमाम ग्रॉसरी की बढ़ती कीमतों के बीच एलपीजी की कीमतों का बढ़ना जले पर नमक छिड़कने से कम नहीं है।

अलग-अलग जिलों में 1 जुलाई से गैस सिलेंडर की कीमत पहले और जून की कीमत बाद में अंकित की गई है।
अलग-अलग जिलों में 1 जुलाई से गैस सिलेंडर की कीमत पहले और जून की कीमत बाद में अंकित की गई है।
अलग-अलग जिलों में 1 जुलाई से गैस सिलेंडर की कीमत पहले और जून की कीमत बाद में अंकित की गई है।

एलपीजी की वैश्विक बेंचमार्क कीमत और रुपये के साथ अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर के आधार पर एलपीजी सिलेंडर की दरें हर महीने की शुरुआत में अपडेट की जाती हैं। कीमतों में बढ़ोतरी सभी व्यक्तियों पर लागू होती हैं, जिनमें सब्सिडी वाले लोग भी शामिल हैं। आज बढ़ोतरी के बाद मुंबई और दिल्ली में एलपीजी की कीमतें अब 834.5 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर हो जायेंगी, जो पहले 809 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर थी। पटना में गैस सिलेंडर 905 रुपये था जो अब बढ़कर 930 हो गई है। बिहार के कुछ जिलों में यह 935 रुपये में उपलब्ध होगा।
एएनआई के ट्वीट के मुताबिक- सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में आज से 25.50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई है। 14.2 किलोग्राम वजन वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 834.50 रुपये होगी। 19 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत में भी 76 रुपये बढ़ोतरी की गई है और दिल्ली में इसकी कीमत 1,550 रुपये होगी।
इधर, कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्यूरिटीज द्वारा जून माह में जारी आंकड़ों के मुताबिक विभिन्न कंपनियों के साबुन, शैम्पू, डिटर्जेंट, खाने का तेल, चायपत्ती, कैचप, जैम, नूडल्स आदि के दाम काफी बढ़ गये हैं। इनके पीछे वैश्विक स्तर पर पाम ऑयल, क्रूड ऑयल, सोडा एश, कास्टिक सोडा जैसे कच्चे माल के दाम बढ़ने को कारण बताया जा रहा है। साबुन, शैम्पू जैसे उत्पादों के दाम 4-20% फीसदी तक बढ़े हैं। वहीं, खाने के तेल की कीमत 12-42% तक बढ़ गया है। चायपत्ती 4 से 8% और कॉफी 2-7% महंगी हुई है। इसी तरह अलग-अलग ब्रांड के विभिन्न उत्पादों का दाम औसतन 10-15 फीसदी तक बढ़ गये हैं।
सफोला के विभिन्न प्रोडक्ट की कीमत 20 से 40% और सनड्रॉप के प्रोडक्ट की की कीमत 12-42 फीसदी तक बढ़ गई। अध्ययन में शामिल खाद्य तेलों के दस ब्रांड में से आठ की कीमत 200 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा है। नहाने का साबुन के डव, हमाम, लाइफबॉय, लक्स, पियर्स, पतंजलि नीमकांति ब्रांड के दाम 8 से 20% तक बढ़ गये हैं। वहीं, गोदरेज नंबर-1 और सिंथॉल 6 से 8% तक महंगा हो गया है। वाशिंग पाउडर/डिटर्जेंट के व्हील, रिन, सर्फ एक्सेल, टाइड, हेंको ब्रांड की कीमत 3-10% बढ़ गये हैं।
शैम्पू ब्रांड डव, क्लिनिक प्लस, सनसिल्क 8-16%, पॉन्डस का टेल्कम पाउडर 10 और नवरत्न कूल 12% महंगा हो गया है। एक्सो डिश बार 3 और विम बार 10% महंगा हो गया है। डाबर हनी की कीमत 8 और डाबर च्यवनप्राश की कीमत 8% तक बढ़ गईं हैं।

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