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लगातार बारिश से कई जिलों में बाढ़ से हालात बेकाबू, आनेवाले तीन-चार दिन घातक

Patna : राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी नदी का बहता पानी सुपौल जिले के 300 से अधिक घरों में घुस गया है। जून और जुलाई के महीने में भारी मॉनसून की बारिश ने बिहार के कई जिलों में व्यापक बाढ़ ला दी है। जून के तीसरे सप्ताह में ट्रफ रेखा खिसक कर हिमालय की तलहटी में चली गई। नेपाल की पहाड़ियों के साथ-साथ बिहार की तलहटी में भी भारी बारिश हुई। इसके परिणामस्वरूप पश्चिम चंपारण, बेतिया, मोतिहारी, सीतामढ़ी, सारण, मुजफ्फरपुर और बिहार के आसपास के जिलों में व्यापक बाढ़ आई है। नेपाल और बिहार में जुलाई के पहले दो हफ्तों के दौरान लगातार बारिश हुई। गंडक, कोसी और घाघरा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और बिहार के कई जिलों में पानी भर गया है।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर लगातार दो कम दबाव के क्षेत्र बन रहे हैं। पहला 23 जुलाई के आसपास और दूसरा 26 जुलाई के आसपास होगा। 26 जुलाई तक बिहार के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। कम दबाव का क्षेत्र पूरे बिहार में उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है और मानसून की अक्षीय रेखा भी बिहार से होकर गुजरेगी। इस प्रकार, बिहार के उत्तरी जिलों के साथ-साथ नेपाल की पहाड़ियों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 27 जुलाई को पीक इंटेंसिटी हो सकती है। यह भारी बारिश 29 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है।
इसलिए उस दौरान बिहार में भारी बाढ़ का खतरा है। स्काईमेट ने 26 से 29 जुलाई के बीच बिहार के लिए एक रेड अलर्ट जारी किया है। 29 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है। लेकिन बारिश जारी रहने की उम्मीद है जो बाढ़ के पानी को जल्द ही कम नहीं होने देगी।

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