डॉ. आरएन सिंह अपने सहयोगी के साथ। Image Source : Agencies

प्रख्यात सर्जन पद‍्मश्री डॉ. आरएन सिंह विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष बनाये गये

Patna : प्रख्यात आर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर पद‍्मश्री आरएन सिंह ने फिर से एकबार बिहार का नाम रोशन किया है। वे विश्व हिन्दू परिषद के नये अध्यक्ष बन गये हैं। परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति व प्रन्यासी मंडल की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन उनका चयन हुआ। वे पूर्व न्यायाधीश विष्णु सदाशिव कोकजे की जगह लेंगे। वरीय हड्‌डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद ने जिस विश्वास से दायित्व सौंपा है, उस पर खरा उतरने की हरसंभव कोशिश करूंगा। शनिवार को विश्व हिंदू परिषद की कार्यकारिणी की बैठक में मुझे यह जिम्मेवारी सौंपी गई है। विहिप के नए अध्यक्ष के सहरसा के रहने वाले हैं। उनके पिता जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्व.राधाबल्लभ सिंह थे। डॉ. आर.एन सिंह की स्कूली शिक्षा कटिहार और पटना में हुई। उन्होंने पीएमसीएच से एमबीबीएस करने के बाद लगभग एक दशक लंदन में एफआरसीएस व अन्य डिग्री हासिल की।

वे लंदन में रहने के दौरान ही विश्व हिंदू परिषद से जुड़े। 80 के दशक में पटना आकर अपनी क्लिनिक चलाने लगे। इस दौरान उन्हें बेहतर सेवा के लिए राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पद्मश्री सम्मान भी दिया। वह विगत दिनों से विहिप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय थे। इधर विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा कि बैठक में पूर्व न्यायाधीश विष्णु सदाशिव कोकजे ने अपनी बढ़ती उम्र के कारण स्वत: पदमुक्त होने का निवेदन किया था। जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद डॉ. आरएन सिंह को अध्यक्ष बनाये जाने का फैसला हुआ।
जैन ने आगे कहा कि मेवात को कश्मीर नहीं बनने दिया जायेगा। यहां धर्मांतरण रोकने के लिए गांवों में संगठन की इकाइयों का गठन किया जायेगा। मेवात से अब पलायन नहीं होगा बल्कि पराक्रम के साथ रहना होगा। मेवात के हिन्दू समाज के साथ आसपास का हिन्दू समाज खड़ा होगा। जैन ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुये कहा कि वे अपनी चारों घोषणाओं को मेवात में अमल में लायें। मेवात में गो-हत्या पूर्ण रूप से बंद हो, धर्मांतरण के लिये कानून बनायें हिन्दू धर्मस्थलों का संरक्षण हो और मेवात में बीएसएफ का कैंप हो।
फिलहाल हरियाणा में विश्व हिंदू परिषद की बैठक में देशभर के लगभग 275 विहिप पदाधिकारियों और विदेशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुये हैं। इस बैठक में राम मंदिर निर्माण कोष को लेकर उठे विवाद से लेकर जनसंख्या नियंत्रण और जबरन मतांतरण के खिलाफ कानून बनाने के विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

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