फडणवीस समेत भाजपा की टॉप लीडरशिप को कोरोना, एनडीए का क्या होगा?

पटना

बिहार विधानसभा चुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी की लड़ाई विपक्षी दलों से है, वहीं पार्टी को कोरोना से भी लड़ना पड़ रहा है। जी हां, एनडीए का नेतृत्व कर रही भारतीय जनता पार्टी के कई नेता बिहार में कोरोना की चपेट में आ गए हैं। सबसे बड़ी बात है कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस जिन्हें कि बिहार चुनाव का प्रभारी बनाया गया है, उनके भी कोरोना पॉजिटिव होने की खबरें सामने आ रही हैं। देवेंद्र फडणवीस ने इसके बारे में जानकारी दी है।

सुशील मोदी भी हुए संक्रमित

यही नहीं, बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी कोरोनावायरस की चपेट में आ गए हैं। बीते दिनों सुशील कुमार मोदी ने सोशल मीडिया में यह जानकारी साझा की थी। सुशील मोदी के कोरोना संक्रमित होने से भाजपा को बहुत बड़ा झटका लगा था।

हुसैन भी आये चपेट में

उनसे पहले बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। गौरतलब है कि शाहनवाज हुसैन बिहार चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारकों में से एक हैं, मगर उनके भी कोरोना पॉजिटिव हो जाने की वजह से उन्हें अब चुनाव प्रचार से दूरी बनानी पड़ी है।

राजीव प्रताप रूडी भी

भाजपा के इन सभी नेताओं के अलावा सारण से सांसद और बिहार भाजपा के कद्दावर नेता राजीव प्रताप रूडी भी कोरोना की चपेट में आ गए थे। इस तरह से भाजपा के इन नेताओं के कोरोना का शिकार होने की वजह से बिहार चुनाव के दौरान एनडीए के लिए एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है।

कौन लगाएगा बेड़ा पार?

बिहार में जब भाजपा के इतने सारे नेता कोरोना की चपेट में आ गए हैं तो ऐसे में अब यह सवाल जरूर उठने लगा है कि आखिर इस चुनाव में एनडीए का बेड़ा पार कैसे लगेगा? जितने भी नेता कोरोना पॉजिटिव हैं, उनके कंधों पर चुनाव प्रचार की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी है।

विशेषकर देवेंद्र फडणवीस के कोरोना संक्रमित होने से एनडीए को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि भाजपा ने इन्हें बिहार में चुनाव का प्रभारी बनाया था। अब जब प्रभारी ही कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं और उन्हें दूरी बनानी पड़ी है, तो ऐसे में भाजपा बिहार में किस तरह से आगे बढ़ पाएगी, यह एक बड़ा सवाल है।

महागठबंधन भी पूरी तैयारी में

मालूम हो कि इस बार के चुनाव में तेजस्वी यादव ने महागठबंधन में एक नई जान फूंक दी है। पूरी तैयारी के साथ राजद इस बार चुनाव मैदान में उतरा है। ऐसी भी खबरें सामने आ रही हैं कि तेजस्वी यादव की सभा में इस बार खासी भीड़ जमा हो रही है। महागठबंधन का पलड़ा भी इस बार भारी माना जा रहा है।

ऐसे में एनडीए के लिए इस बार का चुनाव और महत्वपूर्ण हो गया है। खासकर चिराग पासवान की लोजपा एनडीए से अलग हो गई है और जदयू के खिलाफ उसने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं, तो एनडीए के लिए यह भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसी परिस्थिति में भाजपा के इतने सारे नेताओं के कोरोना पॉजिटिव हो जाने से एनडीए का चिंतित होना तो लाजमी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *