बाढ़ के हालात का दृश्य। Image source : Photo compiled from a tweeted video

बिहार में बाढ़ की दहशत : पूर्वी चंपारण-गोपालगंज बीच संपर्क कटा, गंडक के प्रचंड रूप से दहशत

Patna : बिहार से बाढ़ के हालात बेकार हो गये हैं। लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। सब घरों में भी फंस गये हैं। चारों ओर पानी ही पानी है। गंडक व बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। चंपपारण के कई प्रखंड मुसीबत में हैं। गंडक नदी का पानी संग्रामपुर-हाजीपुर मुख्य पथ पर आ गया है। इजरा मोरी गांव से लेकर करीब एक किलोमीटर तक पानी का बहाव तेज है। तेतरिया प्रखंड के सिरौली डायवर्सन पर बागमती नदी का पानी चढ़ने से आवागमन बाधित हो गया है। डुमरिया घाट रिंग बांध के किनारे बसे कई गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। अरेराज व बंजरिया के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। मोतिहारी में गंडक नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। केसरिया स्थित सत्तरघाट पुल पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है। अनहोनी की आशंका को देखते हुये अप्रोच रोड को दो जगह से काट दिया गया है। लोगों के आवागमन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। इससे पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। इससे बड़ी आबादी प्रभावित हो गई है।

सत्तरघाट पुल के दक्षिण छोर पर अप्रोच रोड को करीब 10 फीट की चौड़ाई तक काटा गया है। दूसरा कटाव इससे करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर किया गया है। इस कारण उक्त जगह से पानी तेजी से बह रहा है। चम्पारण सीमा में काटे गये अप्रोच रोड पर पहुंचे बैकुंठपुर के पूर्व विधायक मंजीत कुमार सिंह ने कहा कि अगर इस मार्ग में छोटे-छोटे पुल-पुलिया बनाये गये होते, तो आज ऐसी स्थिति नहीं आती। केसरिया से गोपालगंज की तरफ इस सड़क मार्ग से जाने वाले लोगों को काफी परेशान झेलनी पड़ रही है। इस मार्ग से लंबी दूरी तय करने वाले लोगों को डुमरियाघाट व बंगरा पुल का सहारा लेना पड़ रहा है।
वाल्मीकि नगर बराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। गंडक का जलस्तर बढ़ने से सत्तरघाट पुल व अप्रोच रोड पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इस कारण इस पुल से होकर आने-जाने की अनुमति पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। पानी का दबाव कम होने के बाद इसे दुरुस्त कर आने-जाने की अनुमति दी जायेगी।
सीतामढ़ी से गुजरने वाली बागमती व अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में उतर चढ़ाव जारी है। शुक्रवार सुबह में बागमती नदी का जलस्तर चंदौली घाट पर बढ़ रहा था जबकि कटौझा, ढेंग, सोनाखान व डूबा घाट में धीरे-धीरे कम था। अधवारा समूह की नदियों का जलस्तर सोनबरसा, सुंदरपुर, पुपरी व गोआबड़ी में स्थिर है। बागमती नदी व अधवारा समूह की नदिया सभी जगह खतरे के निशान से नीचे है। समस्तीपुर में गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में वृद्धि जारी है।

मुजफ्फरपुर के तीन प्रखंडों में गंडक तबाही मचा रही है। साहेबगंज व पारू के दियारा इलाके में करीब दो दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं। दोनों प्रखंडों के करीब छह सौ घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं सरैया के कई गांव आंशिक रूप से बाढ़ की चपेट में हैं। दूसरी ओर बागमती और बूढ़ी गंडक में भी तेजी से जलवृद्धि हो रही है। औराई, कटरा व गायघाट में बागमती का पानी तेजी से बढ़ रहा है। बूढ़ी गंडक में वृद्धि से मोतीपुर, कांटी, मीनापुर, मुशहरी व शहरी इलाकों में दहशत का माहौल है।

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