पैसों के लिए डॉक्टर ने मामूली चोट में खो-खो खिलाड़ी के पैर काट दिए, केस लड़ा और डॉक्टर को दिलवाई सजा

पटना : सड़क दुर्घटना में घुटने पर लगी मामूली चोट में डॉक्टर ने खो-खो खिलाड़ी का एक पैर काट दिया। डॉक्टर ने उसके इलाज का बहाना बनाकर उसके परिवार वालों से 35 लाख रुपए ऐंठे। परिवार 20 लाख रुपए कर्ज में डूबा है। इन सबके बीच खिलाड़ी ओंकारनाथ ने जिला उपभोक्ता फोरम में डॉक्टर के खिलाफ केस किया। अब कोर्ट का फैसला उसके हक में आया है। बक्सर उपभोक्ता फोरम ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है और 99 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। दरअसल, सड़क दुर्घटना में घायल ओंकारनाथ को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से इलाज कर डॉक्टरों ने उसे बनारस रेफर कर दिया। बनारस ले जाने वाले एंबुलेंस चालक ने पैसे के लिए उसे बनारस के मैक्सवेल प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां डॉक्टरों ने उसका पैर काट दिया।

पढ़ाई पूरी की और प्राइवेट कंपनी के बने ऑडिटर
ओंकारनाथ ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से पीजी की पढ़ाई पूरी की है। फिलहाल वह बायजूस कंपनी में ऑडिटर के रूप में काम कर रहे हैं। ओंकारनाथ ने बताया कि उन्होंने बक्सर डीएवी से पढ़ाई की है और जिलास्तरीय खो-खो चैंपियन रहे हैं। उन्होंने 2013 में जिलास्तरीय खो-खो मैच जीता था। फिर 2014 में हंसराज आर्यन टूर्नामेंट में 1500 मीटर की रेस जीती थी।

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