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मन की शांति को तेज प्रताप गये श्रीकृष्ण की शरण में, गुरु से आशीर्वाद, वृंदावन में घूम बंसी की धुन पर खेले

New Delhi : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप पारिवारिक कलह से दूर बुधवार शाम वृंदावन पहुंच गये। घर परिवार में पार्टी की बात पर सबसे बात की, लेकिन जब उनके पक्ष में कुछ खास फैसला नहीं आया तो वे खिसिया के घर से निकले और सीधे वृंदावन प्रभु श्रीकृष्ण की शरण में पहुंच गये। यहां उन्होंने अपने आध्यात्मिक गुरु वल्लभाचार्य से आशीर्वाद लिया। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गई हैं। बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव बुधवार शाम अचानक वृंदावन पहुंच गये। इस दौरान जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरे भाई तेजस्वी यादव की छवि मुझसे बिलकुल अलग है। हम दोनों को लोग अलग अलग सांचें में स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा- मेरी भाषण शैली की वजह से लोग मेरी आलोचना करते हैं जबकि मेरे समर्थकों को मेरा यही अंदाज भाता है और वे मुझे साहसी मानते हैं।

पिछले दिनों जब पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह द्वारा युवा प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव को हटाने के बाद विवाद शुरू हुआ तो तेज प्रताप पूरी तरह से फूट पड़े। उन्होंने जगदानंद सिंह की इज्जत की परवाह किये बगैर उनकी ऐसी तैसी कर दी। छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव को बहुत बुरा भला और अपने भाई को भी निशाना बनाया। पर इसी बीच रक्षाबंधन आ गया और तेजस्वी यह सलाह देते हुये दिल्ली उड़ आये कि बड़े भाई तक तो ठीक है, लेकिन अनुशासन में रहना जरूरी है, बड़ों की इज्जत करनी चाहिये। इसके बाद छोटी बहन रोहिणी अचार्या ने भी तेज प्रताप को सलाह दी कि पार्टी में अनुशासनहीनता नहीं होनी चाहिये और बड़ों का सम्मान करना चाहिये।
हालांकि तेज प्रताप का मानना है कि वे फंस जाते हैं, जब जब वे सच बोलते हैं। वे विवाद में पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी और उनके भाई तेजस्वी की जोड़ी कृष्ण और अर्जुन की तरह है, इस जोड़ी को कोई अलग नहीं कर सकता।
लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव का ब्रज से अलग रिश्ता है। तेज प्रताप कभी यमुना किनारे गायों के बीच वंशी बजाते नजर आते हैं तो कभी मंदिरों में दर्शन परिक्रमा करते नजर आते हैं। वे समय-समय पर वृंदावन आते रहते हैं। इससे पहले सर्दियों में तेजप्रताप यादव बैटरी से चलने वाली साइकिल पर वृंदावन के पंचकोसिया रोड की परिक्रमा करते नजर आये थे। बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव पीले रंग की धोती, बाजूबंद और गले में शॉल लिये ब्रजवासी के रूप में थे।
तेज प्रताप यादव जब ब्रज आते हैं तो लोगों से मिलना उन्हें पसंद नहीं। इसका उदाहरण पिछले साल देखने को मिला था। 2020 में जब लोगों ने तेज प्रताप यादव को चैतन्य विहार कॉलोनी के पार्क में बंसी खेलते देखा तो वे वृंदा पैलेस के कमरे के गेस्ट हाउस में चले गये और नाराज हो गये। पूरे दिन अपने कमरे से बाहर नहीं निकले।
रंगजी मंदिर में तेज प्रताप ठाकुर जी के दर्शन भी कर चुके हैं। उन्होंने अपने मित्र से श्री बांके बिहारी और रंगजी मंदिर के बारे में जानकारी ली थी। तेज प्रताप यादव इन दिनों वृंदावन में हैं, ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि वह जन्माष्टमी पर यहां के मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं।

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