सुशील मोदी के सवाल उठाने और आरोप लगाने से तिलमिलाई रोहिनी, बोली- मुंहे थूर देंगे, भाग राजस्थानी मेढ़क

Patna : राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के सरकारी आवास को कोविड सेंटर में तब्दील करने और इसकी अनुमति नीतीश कुमार सरकार से नहीं मिलने को मुददा बनाये जाने के बाद भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने राजद और तेजस्वी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कोविड सेंटर को लेकर टुच्ची राजनीति का परिचय देते हुये कई ट‍्वीट करके तेजस्वी को याद दिलाया कि उनकी दो बहनें डॉक्टर हैं लेकिन कोई कोविड में मरीजों का इलाज करने के लिये बाहर नहीं आईं। यही नहीं उन्होंने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि कांति देवी को मंत्री बनाने के ऐवज में जो मकान मिला था या पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को जो दस फलैट मिले थे उसमें कोविड सेंटर क्यों नहीं खोला? सुशील मोदी का इस तरह का सवाल करना था कि तेजस्वी यादव की बहन रोहिनी आचार्या बदजुबानी पर उतर आईं। उन्होंने ठेठ बिहारी लहजे में सुशील मोदी को चेतावनी दी- आज के बाद मेरा या मेरी बहनों का नाम लिया तो आकर मुंह थूर देंग, भाग राजस्थानी मेढ़क। यानी, 13 वर्षों तक बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार मोदी को तेजस्वी की बहन ने राजस्थानी करार दिया।
दरअसल पिछले कुछ सालों में लालू प्रसाद की गैर मौजूदगी के बाद भी राजद मजबूत हुआ है, लेकिन परिवार के कुछ लोग उतने ही निरंकुश भी हो गये। उनका लोक-व्यवहार समाज के एक बड़े तबके को रह-रह कर डरा देता है। और अब यह राजद में एक बीमारी की तरह फैलती जा रही है। जैसे ही पार्टी में कुछ अच्छा होने लगता है। लगता है कि पार्टी समाज की बेहतरी के लिये कुछ कर रही है, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के बेटे और बेटियां ऐसी हरकत करने लगते हैं कि पब्लिक को मजबूर होकर कहना पड़ता है- ये नहीं सुधर सकते, बिहार का क्या भला करेंगे। समाज के एक बहुसंख्य वर्ग को इनका लोक व्यवहार चिंतित कर देता है। असल में बुधवार को जो हुआ वह ट‍्विटर वार नहीं है, यह प्रकरण डरा रहा है कि अगर इस पार्टी का कभी शासन आया तो क्या ये लोग 30 साल पहले की तरह निरंकुश व्यवहार नहीं करेंगे? पहले तेज प्रताप का लोक व्यवहार और अब उनकी बहन रोहिनी आचार्या की बदजुबानी राजद को फायदा कम नुकसान ज्यादा पहुंचा रहे हैं। पार्टी के ट‍्विटर हैंडल से भी जिस भाषा में सुशील मोदी को जवाब दिया गया वह अशोभनीय ही कही जायेगी।

 

बहरहाल हम रोहिनी आचार्या और सुशील मोदी के ट‍्वीटों का अवलोकन कर यह अंदाजा जरूर लगा सकते हैं कि लोक व्यवहार में कहां किससे क्या चूक हुई है। हालांकि सुशील मोदी ने भी टुच्ची राजनीति का ही परिचय दिया, खासकर तब जब वे बेतुके धनअर्जन के आरोप लगाते हैं जबकि सरकार उनकी ही है। जैसा कि पूर्व पत्रकार और निर्देशक अविनाश दास ने ट‍्वीट किया – आप एक गिरे हुए इंसान हैं @SushilModiजी। @yadavtejashwi के पटना में अवैध तरीके से अर्जित दर्जनों मकान हैं, तो आप कार्रवाई क्यों नहीं करते? अभी तो आपकी ही सरकार है! लेकिन आप भी जानते हैं कि आप झूठ बोल रहे हैं। आपलोग सेवा नहीं कर सकते, तो कम से कम टुच्ची राजनीति तो न कीजिए इस वक्त?

 

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