फ्रॉड बिल्डर अनिल कुमार। Image Source : Live Bihar/ Vishal Kumar

फ्रॉड बिल्डर अनिल सिंह की 2.62 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ईडी की कार्रवाई के बाद पीड़ितों को राहत की आस

Patna : न्यूज पब्लिकेशन के कर्मचारियों का 5.82 करोड़ हड़प करनेवाले और कई तरह की आर्थिक धांधली करनेवाले पाटलिपुत्र बिल्डर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनिल सिंह की दो अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। रांची के लोअर बाजार में स्थित इस प्लॉट को कंपनी के नाम पर खरीदा गया है। 40.08 डेसिमल इन प्लॉटों की कीमत 2 करोड़ 62 लाख 20 हजार 610 रुपये है। बाजार भाव इससे कहीं ज्यादा बताया जा रहा है।
कभी पटना के मशहूर बिल्डरों में से एक रहे अनिल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के दर्जनभर मामले दर्ज हैं। कोतवाली और आलमगंज थाने में दर्ज इन मामलों की जांच पटना पुलिस ने की थी। इसमें चार्जशीट भी दाखिल की गई है। इसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। ईडी के मुताबिक जांच में बड़े पैमाने पर जालसाजी का मामला सामने आया है।

जांच में पाया गया कि घर खरीदारों से किये गये वादों को पूरा नहीं करके कंपनी के प्रबंध निदेशक के रूप में अनिल कुमार सिंह द्वारा धोखाधड़ी की गई थी। प्राथमिकी के अनुसार आरोप है कि ‘द न्यूज पेपर एंड पब्लिकेशन लिमिटेड’ के कर्मचारियों को 5.82 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था, लेकिन अनिल सिंह ने पैसे से कंपनी के नाम संपत्ति अर्जित की।
ईडी ने हाल ही में अनिल कुमार को गिरफ्तार किया था। वह इस समय बेउर जेल में न्यायिक हिरासत में है। उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जल्द ही आरोप पत्र भी दायर किए जाने की संभावना है।
अनिल सिंह को पटना कामेश्वर कॉम्प्लेक्स से ही गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के बाद ईडी ने अनिल को पटना पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश किया. जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
दरअसल, नामी बिल्डर अनिल कुमार सिंह के खिलाफ 2014 में पीएमएलए यानी प्रोविजन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। जिसकी जांच की जा रही थी। इसमें दोषी पाए जाने के बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पहले अनिल कुमार सिंह को तलब कर पूछताछ के लिये बुलाया गया। लेकिन ईडी उनके जवाब से संतुष्ट नहीं थी। इस वजह से ईडी ने इसे कोर्ट के सामने पेश किया।

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